गुड़ामालानी: CSR फण्ड के स्थानीय स्तर पर उपयोग नहीं होने के कारण विधायक हेमाराम चौधरी रागेश्वरी गैस टर्मिनल के RDG गेट के सामने धरने पर बैठे है। विधायक हेमाराम चौधरी ने कहा कि कपनी कई वर्षो से पेट्रोलियम पदार्थो के खनन से अरबो रूपये कमा रही है, लेकिन स्थानीय संसाधन विस्तार या सुविधा एवं रोजगार के लिए अवसर नहीं दिए है। CSR को लेकर बार-बार पत्र लिखने के बावजूद भी कम्पनी अधिकारी इस और ध्यान नहीं दे रहे है। इसलिए मजबूरन धरने पर बैठना पड़ा। उनका आरोप है कि स्थानीय युवाओ को कंपनी ने रोजगार भी नहीं दिया।
नरम पड़े पर स्थानीय राजनीतिक घमासान जारी
कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी भले ही अपने इस्तीफे को लेकर नरम पड़ गए,लेकिन बाड़मेर जिले की कांग्रेस राजनीति को देखते यह घमासान कम होता नजर नहीं आ रहा।
वर्चस्व की है जंग
यह राजस्व हरीश चौधरी बनाम जिले के अन्य कांग्रेस नेताओं के बिच वर्चस्व की लड़ाई है। इस लड़ाई के चलते ही मुख्य रूप से हेमाराम राज्य सरकार से नाराज हैं, क्योंकि बाड़मेर में हरीश चौधरी के आदेश ही प्रशासन मानता है। हरीश चौधरी को बाड़मेर का मिनी मुख्यमंत्री कहा जाता है।
मदन प्रजापत की भी यही व्यथा
राजनीतिक वर्चस्व की इस जंग में केवल हेमाराम ही पीड़ित नहीं है। पचपदरा के विधायक मदन प्रजापत भी अपनी नाराजगी से कांग्रेस के आला नेताओं को अवगत करवा चुके हैं। वे तो हरीश चौधरी को इंगित करते हुए गंभीर आरोप भी लगा चुके हैं।
आरोपों का समय आने पर जवाब दूंगा-हरीश चौधरी
इस बीच बालोतरा दौरे पर आए हरीश चौधरी से जब उन पर लग रहे आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी कोविड चल रहा है। उनकी प्राथमिकता इस महामारी से लोगों को बचाने की है। समय आने पर आरोपों के जवाब दूंगा।
