जयपुर : अलवर में मूक-बधिर बालिका से रेप के मामले की सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी गई है। गृह विभाग ने केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को अलवर केस सीबीआई को सौंपने की अधिसूचना और केस के दस्तावेज भेज दिए हैं। रविवार को ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी घोषणा की थी। केंद्र सरकार को अब तय करना है कि वह इस मामले को सीबीआई जांच के योग्य मानती है या नहीं। अलवर मामला सीबीआई को सौंपने से मौजूदा पुलिस की जांच की स्पीड कम हो गई है।
अब अलवर मामले में केंद्र के रुख का इंतजार हैं। सीबीआई तक पूरे मामले की फाइल जाने और केंद्र के स्तर से फैसला होने में एक से दो सप्ताह का समय लगना तय है। तब तक इस केस का इंवेस्टिगेशन लगभग रुका रहेगा।
सीबीआई को सौंपा जाने वाला तीसरा मामला
गहलोत सरकार ने पिछले छह महीने में तीसरा मामला सीबीआई जांच के लिए सौंपा है। हाल ही में जोधपुर के हिस्ट्रीशीटर लवली कुंडारा एनकाउंटर की जांच सीबीआई को दी गई थी। पिछले साल मई में बाड़मेर में कमलेश प्रजापति एनकाउंटर की जांच भी सीबीआई को दी गई थी। बाड़मेर एनकाउंटर की जांच सीबीआई कर रही है।
अलवर रेप मामले में शुरू से ही सियासत गरमाई हुई है। बीजेपी ने राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को उठाया। अलवर एसपी ने पहले रेप की आशंका से इनकार किया और फिर यू टर्न ले लिया। अलवर प्रकरण पर सियासी दबाव टालने के लिए सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।
