जयपुर: रिटायर्ड IAS गुरदयाल सिंह संधु को राज्य सरकार ने अहम जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार ने आज एक आदेश जारी कर संधु को नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग (UDH) का सलाहाकार नियुक्त किया है। संधु साल 2016 में एकल पट्टा घोटाले मामले में जेल जा चुके हैं। उन्होंने पूर्व में नगरीय विकास विभाग में रहते हुए ही इस प्रकरण को अंजाम दिया था। खास बात यह है कि अब वे अपनी सेवा UDH में सलाहाकार के रूप में देंगे, इसके बदले गुरदयाल सिंह संधु को मात्र एक रुपए मानदेय मिलेगा। हालांकि, अन्य तमाम खर्चे व सुविधाएं सरकार वहन करेगी। संधु अभी भी RCA के सलाहकार हैं।
गुरदयाल सिंह संधु इससे पहले गहलोत सरकार के दूसरे कार्यकाल में लंबे समय तक नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे थे। उन्हें नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल का करीबी माना जाता है। संधु उस समय सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे, जब वे एकल पट्टा प्रकरण में एंटी करप्शन ब्यूरो(ACB) की रडार पर आए थे।
ये था एकल पट्टा प्रकरण
ये प्रकरण जयपुर के जगतपुरा स्थित एक जमीन से जुड़ा था। ये जमीन गणपति गृह निर्माण सहकारी समिति की थी और उस पर कॉलोनी काटी जा चुकी थी। लेकिन इस पूरी जमीन का एकल पट्टा गणपति कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. के प्रोपराइटर शैलेंद्र गर्ग के नाम से जारी कर दिया था। जबकि, इससे पहले सरकार एकल पट्टा देने से इनकार कर चुकी थी, लेकिन बावजूद इसके सरकार की आपत्ति को दरकिनार कर पट्टा जारी कर दिया था। हालांकि मामला खुलने के बाद इस पट्टे को निरस्त भी कर दिया था।
