बांसवाड़ा के कालाखूंटा मैगनीज ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस की 12.11 प्रतिशत प्रीमियम पर ई नीलामी, मैगनीज के खोज और खनन कार्य को मिलेगी गति – एसीएस डॉ. अग्रवाल

  • कंपोजिट लाइसेंस के रुप में मैगनीज की सफल नीलामी बड़ी उपलब्धि - खान मंत्री भाया
  • पहली बार किसी माइनिंग ब्लॉक की कंपोजिट लाइसेंस के रुप में नीलामी
  • प्रदेश में बांसवाड़ा- राजसमंद में 20 मिलियन टन मैगनीज भण्डार

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कालाखूंटा मैगनीज ब्लॉक

जयपुर। राज्य के बांसवाडा के कालाखूंटा में मेजर मिनरल मैगनीज ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस की 12.11 प्रतिशत प्रीमियम दर पर ई नीलामी की गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं पीएचईडी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में पहलीबार किसी माइनिंग ब्लॉक की कंपोजिट लाइसेंस के रुप में नीलामी की गई है। इससे पहले किसी भी खनिज के लिए खनन पट्टों के लिए नीलामी की जाती रही है। खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने मैगनीज के कंपोजिट लाइसेंस की सफल नीलामी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में माइनिंग क्षेत्र में यह बड़ी उपलब्धी है। उन्होेंने बताया कि राज्य में खनिज ब्लॉकों की प्रीमियम दरों यहां तक कि देश में सर्वाधिक प्रीमियम दरों पर नीलामी होने लगी है जो हमारी पारदर्शी और योजनावद्ध प्रयासों का परिणाम है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अग्रवाल ने बताया कि आरंभिक अनुमानों के अनुसार राज्य में मैगनीज के 20 मिलियन टन भण्डार उपलब्ध है। इसमें मुख्यतः मैगनीज के भण्डार बांसवाडा जिले में हैं वहीं कुछ भण्डार राजसमंद जिले में भी पाये गये हैं। बांसवाड़ा के कालाखूंटा, तम्बेसरा, रुपाखेड़ा, नयागांव में करीब 17 मिलियन टन संभावित भण्डार है, वहीं राजसमंद के देलवाड़ा तहसील के नेगडिया में 2.16 मिलियन टन भण्डार होने का अनुमान है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि कंपोजिट लाइसेंस के अनुसार संबंधित लाइसेंसधारी द्वारा खनिज के अनुमानित भण्डार की खोज का कार्य किया जाएगा व उसके बाद खनन का पट्टा जारी होगा। उन्होंने बताया कि 6.30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के कालाखूंटा मैगनीज ब्लॉक में 6.552 मिलियन टन मैगनीज भण्डार होने का आरंभिक अनुमान है। विभाग द्वारा 5 प्रतिशत प्रीमियम पर भारत सरकार के ई पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से ई-नीलामी के रखा गया, इसमें इनिशियल प्राइस ऑफर 7.11 प्रतिशत आई और उसके बाद अंतिम बोली 12.11 प्रतिशत प्रीमियम आई है।

ई-नीलामी में तीन निविदादाताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कालाखूंटा सहित मैगनीज के चार ब्लॉक नीलामी के लिए तैयार किए गए हैं इनमें से तीन ब्लॉक कंपोजिट लाइसेंस व एक ब्लॉक खनन पट्टे के लिए नीलामी के लिए तैयार किया गया है। एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि मैगनीज बहुत ही उपयोगी धातु है और इसका उपयोग मिश्रधातु के रुप में किया जाता है। स्टील को फौलाद बनाने के लिए स्टील मेें करीब एक प्रतिशत मैगनीज मिलाया जाता है। मैगनीज स्टील में करीब 13 प्रतिशत मैगनीज होता है। इस स्टील का उपयोग राइफल बैरल, रेलवे की पटरी आदि मजबूत बनाने के लिए किया जाता है। इसी तरह से एलुमिनियम में मिलाकर ड्रिंक कैन, उर्वरकों, कांच में उपयोग, बैटरी, पेंट यहां तक की दवा उद्योग आदि में भी मैगनीज उपयोग खनिज है। एक मोटे अनुमान के अनुसार दुनिया में कुल उत्पादित मैगनीज में से 90 प्रतिशत उपयोग स्टील में किया जाता है। निदेशक माइंस केबी पण्ड्या ने बताया कि दुनिया के देशों में मैगनीज का सर्वाधिक उत्पादन चीन मेें होता है। हमारे देश में उडीसा, मध्यप्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान भी मैगनीज का खोज व खनन करने वाले प्रदेशों में शामिल हो गया है।

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