मेंहदीपुर बालाजी का 501 किलो पंचामृत से महाभिषेक, 301 किलो चूरमा का लगा भोग

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मेंहदीपुर बालाजी का 501 किलो पंचामृत से महाभिषेक, 301 किलो चूरमा का लगा भोग

दौसा: हनुमान जयंती महोत्सव मेंहदीपुर बालाजी में बड़ी धूमधाम से मनाई जा रही है। सुबह मंहत नरेश पुरी महाराज के सानिध्य में 501 किलो पंचामृत और गंगा जल से स्वयंभू श्री बालाजी का महाभिषेक किया गया। बालाजी महाराज को 5 किलो छप्पन भोग, 301 किलो चूरमा और मोदक की प्रसादी का भोग लगाया गया।

मंदिर में अलसुबह सर्व प्रथम 501 किलो पंचामृत और गंगा जल से स्वयंभू श्री बालाजी महाराज का महाअभिषेक कर सोने का चोला चढ़ाया. उसके बाद दर्शनों के लिए पट खोले गए। हजारों भक्तों ने बालाजी महाराज के जयकारों से आसमान गुंजायमान कर दिया। मंदिर में भगवान बालाजी महाराज के जन्म पर घंटे-घड़ियाल बज उठे। मंदिर में मंहत श्रीनरेशपुरी महाराज ने शंख-नगाड़ों की थाप और बैण्ड बाजों के साथ बालाजी महाराज की महाआरती की। इसके बाद पवित्र जल की वर्षा की गई। मंदिर परिसर के बाहर खड़े हजारों भक्तों को प्रसाद दिए गए।
मंदिर के बाहर अपने आराध्य के दर्शन करने को लेकर भक्तो का हुजूम मंदिर परिसर में देखने को मिला। बालाजी की एक झलक देखने के लिए भक्त आतुर दिखे।

मेंहदीपुर बालाजी की महिमा
हनुमान जी यहां बाल रूप स्वयंभू विद्यमान है। मान्यता है कि श्री बालाजी महाराज अपने भक्तों के हर संकट को दूर करते हैं यहां जो भी भक्त सच्चे मन से अर्जी लगाते हैं बालाजी महाराज उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। कहते हैं श्री बालाजी धाम मेहंदीपुर बालाजी में पहुंचने वाला प्रत्येक दर्शनार्थी परम सौभाग्यशाली है क्योंकि इस सिद्ध क्षेत्र में ईश्वर की कृपा के बिना नहीं पहुंचा जा सकता है। महंत महाराज ने कहा श्री बालाजी महाराज अपनी आराध्य देव प्रभु श्री रामचंद्र जी की आज्ञा पालन करने के लिए ही यहां हैं। घाटा मेहंदीपुर में राम काज अर्थात जगत कल्याण के लिए जागृत स्वरुप में सदा सर्वदा के लिए वो यहां विराजमान रहने के लिए वचनवद्ध हैं।

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