जयपुर : राजस्थान विधानसभा सत्र 9 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के दौरान अलवर विमंदित बालिका प्रकरण, किसानों की कर्जमाफी और रीट पेपर लीक जैसे मामलों पर सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा करने की तैयारी विपक्ष कर रही है। मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने तय किया है कि विधानसभा सत्र से पहले विधायकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसके तहत एक बार फिर दो दिनों तक विधायकों की बाड़ेबंदी की जाएगी। 6 और 7 फरवरी को दिल्ली रोड स्थित एक होटल में कांग्रेस चिंतन शिविर का आयोजन होगा, जिसमें कांग्रेस पार्टी के तमाम विधायकों और सरकार को समर्थन दे रहे हैं निर्दलीय और बसपा के कांग्रेस में शामिल हुए विधायक भी शामिल होंगे। प्रदेश प्रभारी अजय माकन, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कांग्रेस विधायकों को एकजुटता का पाठ पढ़ाएंगे।
कांग्रेस विधायकों के चिंतन शिविर की एक वजह यह भी है कि विधानसभा के बजट सत्र में विधायक सदन के अंदर और बाहर सरकार पर सवाल खड़े नहीं करें और विपक्ष के हमलों का एकजुटता के साथ करारा जवाब दें। इसे लेकर विधायकों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया जाएगा। वही सत्ता और संगठन के लिए सबसे बड़ी परेशानी की बात यह है कि कई बार पार्टी के वरिष्ठ विधायक ही विधानसभा में सरकार पर सवाल खड़े कर चुके हैं। ऐसे में इस बार विधायक सरकार पर सवाल खड़े करने से बचें और विपक्ष के हमलों का जवाब दें, यही सब ट्रेनिंग चिंतन शिविर के जरिए विधायकों को दी जाएगी।
