जयपुर : प्रदेश में जब से 18 से 44 साल के एजग्रुप वालों का वैक्सीनेशन जब से शुरू हुआ है, तब से वैक्सीन की किल्लत शुरू हो गई है। हर सप्ताह में 2-3 दिन ऐसे होते है, जब प्रदेश के 50 फीसदी से ज्यादा वैक्सीनेशन सेंटर बंद रखने पड़ते हैं। वैक्सीन की राज्य में किल्लत को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने प्राइवेट हॉस्पिटलों के वैक्सीन कोटे को राज्य सरकार को देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि राजस्थान में 18 साल व उससे ज्यादा एजग्रुप के 42 प्रतिशत से भी अधिक लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई है। जब से 18 से 44 साल के एजग्रुप के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ है। हर रोज औसतन 3 लाख लोग वैक्सीन लगवाने आ रहे है, लेकिन हमें औसत 1.75 लाख प्रतिदिन वैक्सीन ही सप्लाई की जा रही है, जबकि प्रदेश में प्रतिदिन 15 लाख वैक्सीन लगाने की क्षमता हमने बना रखी है। उन्होंने लिखा कि अगर केन्द्र सरकार हमें वैक्सीन उपलब्ध करवा दे तो पूरे राज्य की जनता को दिसम्बर से पहले ही वैक्सीन लगायी जा सकती है। राज्य में जुलाई के अंदर प्राइवेट अस्पतालों को 16 लाख से ज्यादा डोज का कोटा अलॉट किया है। प्राइवेट हॉस्पिटल अपने 25 फीसदी कोटे में से 2 फीसदी कोटा भी पूरा नहीं उठा पा रहे।
इस प्रकार दिसम्बर से पहले ही हमारी क्षमता के कारण सभी प्रदेशवासियों को वैक्सीन लगायी जा सकती है। परन्तु जिस प्रकार से अभी केन्द्र से सप्लाई हो रही है उससे हमें चिंता है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 9, 2021
65 लाख लोगों को लगनी है दूसरी डोज
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बताया कि राज्य में 65 लाख ऐसे लाभार्थी है, जिनके वैक्सीन की दूसरी डोज लगनी है। जुलाई में राज्य सरकार के पास 49 लाख डोज का आवंटन हुआ है, जो बहुत कम है। इस डोज से सैकड डोज वालों को भी पूरी तरह वैक्सीनेट नहीं किया जा सकेगा। अत: मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से राज्य को आवंटित कोटे को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन देने की मांग की है।
