दौसा: देश सेवा से लेकर समाजसेवा तक का लंबा सफर तय करने के बाद प्रदेश के बहुचर्चित गुर्जर आरक्षण आंदोलन की संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैप्टन हरप्रसाद तंवर का शनिवार को जयपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उन्हें गुर्जर आरक्षण आंदोलन का हनुमान कहा जाता था। कैप्टन तंवर के निधन पर गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला समेत समाज के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
देश सेवा के जज्बे से सेना में बतौर सिपाही भर्ती हुए करौली जिले के तिघरिया गांव निवासी हरप्रसाद तंवर ने कई युद्धों में भाग लिया। प्रमोशन पर सेना के कैप्टन बने तथा श्रीलंका गई शांति सेना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेना से रिटायर्ड होने के बाद वे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के साथ 2006 में गुर्जर आंदोलन से जुड़े तथा सभी आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। पिछले दिनों वे तिघरिया ग्राम पंचायत के सरपंच भी चुने गए। इसके साथ ही पांचना आंदोलन व नशा मुक्ति अभियान से भी जुड़े रहे।
तीखे तेवर के कारण चर्चा में रहे
गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के सारथी व आरक्षण आंदोलन के हनुमान कहे जाने वाले कैप्टन तंवर अपने तीखे तेवर के कारण हमेशा चर्चा में रहते थे।
विजय बैंसला ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया
कैप्टन तंवर के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता विजय बैंसला ने ट्वीट किया ‘नि:शब्द हूं, स्तब्ध हूं। हम सबके आदरणीय कैप्टन हरप्रसाद अब इस दुनिया में नहीं रहे। आज समाज के एक मजबूत स्तंभ और हमारे परिवार के सम्मानीय सदस्य हमें सदा के लिए छोड़ गए। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे। व्याकुल है मन, बहुत व्याकुल।
निशब्द हूँ , स्तब्ध हूँ।
हम सबके आदरणीय कप्तान हरप्रसाद जी अब इस दुनिया मे नहीं रहे।
आज समाज के एक मजबूत स्तंभ और हमारे परिवार के सम्मानीय सदस्य हमें सदा के लिए छोड़ गए। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।
व्याकुल है मन, बहुत व्याकुल।
नमन। https://t.co/SBJyZ3lGcP pic.twitter.com/9PcJV8fofT— Vijay Bainsla | विजय बैंसला (@VijaySBainsla) June 12, 2021
