कोटा : कोटा बारां की सीमा पर बसे खान की झोपड़िया गांव को कोटा में शामिल कराने की मांग को सांगोद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह अपनी ही सरकार के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गए। इस धरने में खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया पर तंज कसते हुए पोस्टर बैनर भी लगाए गए। जिनमें ‘खाया रे खाया खूब खाया, भाया ने खाया’ इस तरह के नारे लिखे हुए थे।
विधायक भरत सिंह ने कहा कि 30 साल पहले प्रशासन ने एक भूल करते हुए कोटा की सीमा पर बसे गांव खान की झोपड़िया को बारां में शामिल कर दिया। हमने गांव को कोटा जिले में शामिल करने की मांग उठाई। सरकार तक मांग पहुंचाई भी, लेकिन बारां के विधायक नहीं चाहते कि यह गांव कोटा जिले में शामिल हो। उन्होंने कहा कि इस गांव में बड़े स्तर पर अवैध खनन होता है। वहां से आने वाले तीन विधायक नहीं चाहते कि यह गांव कोटा जिले में जाए, क्योंकि अवैध खनन से उन्हें फायदा होता है।
जब भरत सिंह से भाया को लेकर लगाए गए पोस्टर के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि भाया का मतलब मंत्री प्रमोद जैन भाया ही नहीं है। भरत सिंह ने यहां पर बात को घुमाने की कोशिश करते हुए कहा कि प्यार से भी लोगों को भाया कहते हैं। उन्होंने कहा कि इस भूल को सुधारने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन सरकार के दिमाग तक कोई सिग्नल नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार को अफसरशाही ही चला रहे हैं क्योंकि कागज पर साइन अफसरों के होते हैं सीएम के नहीं। विधायक सरकार को गुमराह कर रहे हैं। गौरतलब है कि मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ भरत सिंह पूर्व में भी कई बार मोर्चा खोल चुके हैं। भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कई बार बयान दे चुके हैं।

