जयपुर: केंद्रीय भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर भारतीय मजदूर संघ राजस्थान प्रदेश की ओर से ‘‘बंगाल एकजुटता दिवस (Bengal Solidarity Day) मनाया गया। संघ के प्रदेश महामंत्री हरिमोहन शर्मा ने बताया कि बंगाल एकजुटता दिवस राजस्थान के 33 जिलों सहित संघ से संबद्ध प्रदेश की करीब 500 से ज्यादा मजदूर संगठनों के द्वारा मनाया गया। उन्होंने कहा कि आज यह एकजुटता दिवस कोविड-19 की गाइडलाइन की पालना के साथ मनाया जा रहा है जिसमें ऑनलाइन मीटिंग, वेबिनाॅर, कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर कार्य करना इत्यादि कार्यक्रम के माध्यम से यह संकेत दिया जा रहा है कि बंगाल में शांति का वातावरण हो और मजदूरों का पलायन बंद हो।
उन्होंने बताया कि आज सभी यूनियन जिलों एवं महासंघों द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी के द्वारा भेजा जा रहा है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के उन कार्यकर्ताओं के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही की मांग की गई है, जिन्होंने गरीब श्रमिकों यथा मछुआरे, बुनकर, स्ट्रीट वेण्डर, इत्यादि को 2, 3 व 4 मई को अविष्मरणीय हिंसा का शिकार बनाया।
भारतीय मजदूर संघ की ओर से आर्थिक सहायता
मीडिया प्रभारी विकास तिवारी ने बताया कि आज इस एकजुटता दिवस के माध्यम से हम यह बताना चाहते हैं कि विश्व का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ ही नहीं अपितु संपूर्ण श्रमिक वर्ग पश्चिम बंगाल के मजदूरों के साथ है, वह उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनके संघर्षों की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहाकि इस हेतु मजदूरों की तात्कालिक परिस्थिति को देखते हुए भारतीय मजदूर संघ की ओर से आर्थिक सहायता भी पश्चिम बंगाल के मजदूरों के लिए भेजी जाएगी।
इसी क्रम में आज भारतीय डाक कर्मचारी संघ की ओर से एक ऑनलाइन मीटिंग आयोजित हुई जिसे भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री हरिमोहन शर्मा एवं क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजबिहारी शर्मा ने संबोधित किया। इस दौरान पर विकास तिवारी, सुशील गुप्ता, प्रमोद चैधरी, महेश चैधरी, प्रकाश शर्मा, अशोक भगत, नवल किशोर, मुकेश मीणा, काका जी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
