जयपुर। राज्य सरकार ने कोविड महामारी तथा लॉकडाउन आदि प्रतिबन्धों के कारण उत्पन्न आर्थिक स्थितियों में व्यापारियों एवं उद्यमियों के लिए मूल्य सवंर्धित कर (VAT) प्रकरणों के बकाया, विवादों के निपटान आदि के लिए लागू एमनेस्टी योजना 2021 की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तीन चरणों की संशोधित तिथिया क्रमशः 31 जुलाई, 31 अगस्त तथा 30 सितम्बर रहेंगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एमनेस्टी योजना की अवधि तथा वैट के लिए घोषणा पत्रों में शुद्धि के लिए आवेदन एवं वैट-41 फॉर्म जमा कराने की तिथि बढ़ाने के वाणिज्यिक कर विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। उन्होंने इस संबंध में अधिसूचना के प्रारूप का भी अनुमोदन कर दिया है।
एमनेस्टी स्कीम प्रथम चरण को 31 जुलाई तक बढ़ाया
गौरतलब है कि 30 जून 2017 तक लागू वैट अधिनियम के तहत बकाया मांग एवं विवादों के निपटान के लम्बित प्रकरणों के निस्तारण के लिए राज्य बजट 2021-22 में एमनेस्टी स्कीम लाने की घोषणा की गई थी। योजना के पहले चरण की अवधि 30 अप्रैल 2021 तक थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण लागू लॉकडाउन एवं अन्य प्रतिबंधों के क्रम में अपेक्षित संख्या में व्यापारी एवं उद्यमी योजना का लाभ नहीं ले सके। इस कारण प्रथम चरण को 31 जुलाई तक बढ़ाया गया है।
वैट जमा करवाने की अन्तिम तिथि को 30 जून से बढ़ाकर 30 सितम्बर किया
इसी प्रकार, 1 अप्रैल से 30 जून तक योजना के दूसरे चरण की अवधि में आवदेनों की निरंतर प्राप्ति जारी रहने के कारण इस चरण की संशोधित अवधि 1 अगस्त से 31 अगस्त तथा पूर्व में 1 जुलाई से प्रस्तावित तीसरे चरण की संशोधित अवधि 1 सितम्बर से 30 सितम्बर करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, एमनेस्टी स्कीम के अन्तर्गत लम्बित घोषणा पत्रों, घोषणा पत्रों में शुद्धि के लिए आवेदन तथा वैट 41 फॉर्म आदि जमा करवाने की निर्धारित अन्तिम तिथि को 30 जून से बढ़ाकर 30 सितम्बर किया गया है।
