अलवर : जिले में विमंदित बालिका के लहुलूहान मिलने के मामले का खुलासा नहीं कर पाने और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने अलवर के अधिकतर बाजार बंद रखे हैं। सीबीआई जाँच से पहले ही प्रशासन ने पुलिया पर सफाई करा दी, जिससे सबूत नष्ट हो गए है। इधर, सर्व समाज कमेटी के सदस्य व आमजन ने होपसर्कस पर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी मांग है कि दोषियों को पुलिस गिरफ्तार करे। जिले भर में भी घटना का विरोध है। वहां के बाजार भी सुबह नहीं खुले थे। इधर, सर्व समाज के लोगों की कमेटी पूरे बाजारों पर निगाह रखे हैं।
सबूत साफ करने के बाद बढ़ा विरोध
अलवर के तिजारा फाटक पुलिया पर 11 जनवरी को मूकबधिर नाबालिग लहुलूहान मिली थी। पुलिस ने पहले दिन से उस जगह को अपनी देखरेख में नहीं लिया। उल्टा एक दिन पहले वहां झाड़े से सफाई करा जेसीबी से कचरा उठा दिया। मतलब मौके के सबूत खत्म कर दिए। इसके बाद आमजन का विरोध बढ़ा है। लोगों का कहना है कि पुलिस गलती पर गलती कर रही है।
असल में 11 जनवरी को बालिका पुलिया पर लहुलूहान मिली थी। मौके पर एसपी ने रेप की संभावना बताई थी। लेकिन 3 दिन बाद एसपी ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देकर रेप की संभावना से इंकार कर दिया। फिर पुलिस एक्सीडेंट की थ्योरी पर काम करने लगी। लेकिन उसका भी खुलासा नहीं हो सका। प्रदेश भर में घटना को लेकर विरोध जारी है। अब पुलिया पर अचानक सफाई करा दी गई। इसके बाद आमजन में विरोध बढ़ा है। लोगों का कहना है कि इतनी जल्दबाजी रही कि पहले तो जगह को सील नहीं किया। दूसरा वहां सफाई करा दी।
