जयपुर। आषाढ़ी पूर्णिमा पर हरवर्ष की भांति इस वर्ष भी जंतर-मंतर पर 110 फीट ऊंचे बृहद सम्राटयंत्र पर सूर्यास्त के समय ध्वजा के माध्यम से वायु परीक्षण किया गया। वर्षा योग सहित वर्षभर की दशा व दिशा की जानकारी लेने के लिए किए जाने वाले इस वायुविचार में जयपुर के पंचागकर्ता व ज्योतिषी मौजूद थे, जिन्होंने पूर्वानुमानों की भविष्यवाणी की।
ज्योतिष के सहायक प्रोफेसर डॉ.पण्डित पुनीत शर्मा ने बताया कि वायु का वेग पश्चिम दिशा से पूर्व दिशा की और शास्त्र अनुसार कुछ पलात्मक समय में वायु ने वाह्यवकोण को भी छुुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मानसून में अल्पवृष्टि से अतिवृष्टि का योग हैं। श्रावण मास के उत्तर्राद्ध से भाद्रपद के पूर्वाद्ध तक अच्छी वर्षा होगी।
वायु परीक्षण कार्यक्रम में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक प्रकाश चंद शर्मा, प्रो.विनोद शास्त्री, पं.बंशीधर शर्मा, ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर शर्मा, डॉ.मुकेश शर्मा, शिवदत्त शास्त्री आदि उपस्थित थे। जयपुर जंतर-मंतर के अधीक्षक मोहम्मद आरिफ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
