जयपुर: जयपुर ग्रेटर की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर के मामले का फैसला भले ही अभी राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित पड़ा है, लेकिन नगर निगम जयपुर ग्रेटर की कार्यवाहक शील धाभाई ने अपनी बातों से इरादे जता दिए हैं कि वे अगले 6 माह तक कहीं जाने वाली नहीं है। कार्यवाहक मेयर बनने के 7 दिन बाद अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा मीडिया को बताते हुए उन्होंने कुछ ऐसी बातें कही, जिससे ऐसा लगा कि वे फिलहाल इस पद से हटने वाली नहीं हैं।
दरअसल, जयपुर नगर निगम ग्रेटर में शुक्रवार को कार्यवाहक मेयर शील धाभाई ने मीडिया के समक्ष अपने 7 दिन के कार्यकाल का लेखा-जोखा रखा। इस बीच बातों में उन्होंने परशुराम सर्किल के पास से हटाए परिवारों के पुनर्वास की बात कहीं। उन्होंने कहा कि ये काम जितना हो सकेगा नगर निगम अपने स्तर पर करेगा, लेकिन ये काम सरकार की मदद के बिना अभी तो संभव नहीं है।
पार्षदों को साधने की कवायद
कार्यवाहक मेयर ने जब अपने काम का लेखा-जोखा रखा था तब उनके साथ बीजेपी-कांग्रेस का एक भी पार्षद साथ मौजूद नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने कुछ ऐसी भी घोषणाएं कि जिससे वे पार्षदों को साध सकें। उन्होंने पार्षदों को जल्द से जल्द लैपटॉप दिलवाने की तो बात कही। साथ ही कहा कि वे पार्षदों के समूहों को कोरोनाकाल खत्म होने के बाद देश के अलग-अलग राज्यों, शहरों में घूमने के लिए भेजेंगी।
कोर्ट में लंबित है सौम्या के निलंबन का मामला
मेयर पद से निलंबित करने के मामले को सौम्या गुर्जर ने जो हाईाकोर्ट में चुनौती दी है, उसका निर्णय आना अभी बाकी है। इस मामले में कोर्ट में सरकार और सौम्या गुर्जर दोनों तरह से अपनी-अपनी दलीलें दे चुके हैं। अब कोर्ट ने इस मामले के फैसले को अभी सुरक्षित रखा है।
