जयपुर : चार साल से कचरा संग्रहण करने वाली बीवीजी कंपनी को 276 करोड़ रुपए के भुगतान के बदले 20 करोड़ की सौदेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद दूसरे दिन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम जयपुर नगर निगम ग्रेटर के लालकोठी स्थित मुख्यालय पहुंची। वहां एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में एसीबी के 20 से ज्यादा सदस्यों की तीन टीमों ने कचरा संग्रहण से संबंधित दस्तावेज खंगाले। यह कार्रवाई करीब आठ घंटे चली। बताया जा रहा है की एसीबी ने निगम मुख्यालय में कचरा प्रबंधन से जुड़ी कई फाइलों को अपने कब्जे में लिया है। लेकिन इस संबंध में एसीबी की तरफ से शुक्रवार रात तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
इस मामले में एसीबी कचरा संग्रहण करने वाली बीवीजी कंपनी के ऑफिस से भी दस्तावेज जुटाएगी। बताया जा रहा है कि एसीबी ने कंपनी से भी संपर्क किया है। जानकारी के अनुसार एसीबी की टीम शुक्रवार दोपहर को नगर निगम ग्रेटर के मुख्यालय पहुंची। इसके बाद देर रात तक वहां कार्रवाई चली।
एसीबी ने सर्च कार्रवाई के दौरान ऑफिस में किसी को प्रवेश नहीं करने दिया। सिर्फ स्टॉफ और मुख्यालय में सफाई कार्यों से जुड़े निगम के अफसरों से जानकारी ली। माना जा रहा है कि वायरल वीडियो और ऑडियो में सामने आई सौदेबाजी के आरोपों से जुड़े दस्तावेज जब्त करने के बाद एसीबी जल्द ही मुकदमा दर्ज करेगी। इसके बाद जांच में आरोप सही होने पर गिरफ्तारी भी संभव है।
10 जून को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था सौदेबाजी का वीडियो
जयपुर में चार साल से कचरा संग्रहण करने वाली बीवीजी कंपनी का पिछले लंबे अरसे से 276 करोड़ का भुगतान अटका हुआ था। गुरुवार को तीन वीडियो और चार ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। जिसमें नगर निगम ग्रेटर की निलंबित हुई महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर एक कमरे में बैठकर बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि से बातचीत कर रहे थे।
