अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ 15 मई से एक माह का विशेष अभियान-एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल

  • हाल ही समाप्त वित्तीय वर्ष में 7720. 49 करोड़ का रिकार्ड आय
  • अप्रधान और प्रधान खनिज प्लॉटों की सर्वाधिक सफल नीलामी

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जयपुर: राज्य में आगामी 15 मई से अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के खिलाफ एक माह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अतिरक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं जलदाय डॉ. सुबोध अग्रवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि नीचले स्तर तक प्रभावी तरीके से अभियान के संचालन के लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की सक्रिय भागीदारी तय करते हुए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा।

एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल बुधवार को सचिवालय में खान एवं भूविज्ञान विभाग की वर्चुअल आधार पर समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश में खनिज खोज व खनन कार्य को गति देने और अवैध खनन पर कारगर कार्यवाही के निर्देश देते रहे हैं वहीं खान व गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया निरंतर समीक्षा करते रहे हैं। यही कारण रहा है कि वर्ष 2021-22 खान व भूविज्ञान विभाग के लिए उपलब्धियों का वर्ष रहा है। विभाग द्वारा 6391 करोड़ 21 लाख रुपए राजकीय राजस्व प्राप्ति सहित रेकार्ड 7720 करोड़ 49 लाख रुपए की राशि प्राप्त की है। इसमें 45 करोड़ रु. आरएसएमईटी, 75 करोड़ एनएमईटी और 1208 करोड़ 93 लाख रु. डीएमएफटी फण्ड मेें जमा हुए हैं। उन्होंने बताया कि खान विभाग के इतिहास में यह अपने आपमें एक रेकार्ड है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चालू वित्तीय वर्ष में भी राजस्व अर्जन से लेकर प्लॉटों के डेलिनियेशन व नीलामी का नया रेकार्ड बनाया जाएगा।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों मुख्य सचिव उषा शर्मा द्वारा खान विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की आवश्यकता प्रतिपादित की गई। एसीएस से लेकर उच्च स्तर तक नियमित समीक्षा का परिणाम है कि अवैध खनि परिवहन पर लगातार कार्यवाही जारी है। उन्होंने बताया कि एक माह के अभियान में प्रदेश के अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम कसी जाएगी। उन्होंने अतिरिक्त निदेशक माइंस नरेन्द्र कोठ्यारी को अभियान के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कराने के निर्देश दिए।

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 20-21 मेें प्रदेश में अपधान खनिज के 401 प्लॉटों की नीलामी की गई है। इसमें सर्वाधिक एसएमई जोधपुर कार्यालय के 115, एसएमई अजमेर के 82 राजसमंद के 55 व अन्य अन्य कार्यालयों के अप्रधान खनिज के प्लाटों की सफल नीलामी हुई है। उन्होेंने बताया कि प्रधान खनिजों की नीलामी में भी उल्लेखनीय प्रयास किए गए हैं।

डॉ. अग्रवाल ने विधान सभा के लंबित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, आष्वासनों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश देते हुए मई के पहले पखवाड़े में बकाया प्रकरणों को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल प्रकरणोें में अधिकतम एक माह में संभावित कार्यवाही कर संबंधित को अवगत कराया जाए।  एसीएस डॉ. अग्रवाल ने राजस्व संग्रहण में शतप्रतिशत से भी अधिक राजस्व संग्रहण के लिए एसएमई राजसमंद, कोटा, जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर और भरतपुर, एएमई बालेसर, एएमई टोंक, एमई राजसमंद प्रथम, एमई बूंदी, ब्यावर, बारां, हनुमानगढ़ और अलवर की सराहना की।

निदेशक माइंस केबी पण्ड्या ने बताया कि एक माह के अभियान के दौरान अवैध खनन, अवैध खनिज परिवहन और अवैघ खनिज भण्डारण के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि उच्च स्तर से दिशा-निर्देश और मोनेटरिंग व फील्ड स्तर पर अधिकारियो की मेहनत का ही परिणाम है कि विभाग द्वारा रेकार्डतोड़ उपलब्धियां अर्जित की गई है। वर्चुअल समीक्षा बैठक में उप सचिव नीतू बारुपाल, अतिरिक्त निदेशक हर्ष सावनसूखा, नरेन्द्र कोठ्यारी, धर्मेन्द्र गौड़, एसएमई प्रताप मीणा, धर्मेन्द्र लोहार, जयगुरुबख्सानी, अविनाश कुलदीप, डीएलआर गजेन्द्र सिह, ओएसडी सतीश आर्य, एसजी सुनील कुमार सहित विभाग के एएमई स्तर तक के अधिकारी उपस्थित रहे।

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