जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में भ्रांतियां दूर होना जरूरी है। बिना मतलब मेंबर-चैयरमेन बदनाम होता है। वहां क्या होता होगा, कैसे सलेक्शन होता होगा, सलेक्शन में पैसा चलता होगा, इस तरह की कई बातें मार्केट में चलती रहती हैं। आज की बात नहीं है सालों से हम बचपन से सुनते आए हैं। भ्रांतियां दूर होनी इसीलिए जरूरी है ताकि जनता में क्रेडिबिलिटी बनी रहे। गहलोत RPSC के 73 वें स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे। सीएम वीसी के जरिए सम्मेलन से जुड़े थे।
भर्तियों का कैलेंडर जारी करना चाहिए
सीएम गहलोत ने कहा- RPSC को हर साल भर्तियों का कैलेंडर जारी करना चाहिए। UPSC की तरह ही लोगों को मालूम रहना चाहिए कि किस वक्त कौनसी परीक्षा होगी? एक बार ही कैलेंडर जारी होकर नहीं रह जाए, इसे नियमित रूप से हर साल जारी किया जाना चाहिए। हर साल भर्तियों का कैलेंडर जारी होगा तो इसका अलग मैसेज जाएगा। भर्ती निकलने में अभी महीनों लग जाते हैं। 2019 में जब सरकार बनी तो पुरानी भर्तियां ही लंबित चल रही थीं। आरएएस लेवल की भर्ती में भी पहले कई साल लग गए। इस तरह की स्थति नहीं बननी चाहिए। नियम कायदों में बदलाव की जरूरत हो तो करेंगे लेकिन भर्तियां नियमित होनी चाहिए।
कुमावत कमेटी की रिपोर्ट लागू होगी
गहलोत ने कहा- राजस्थान में आरपीएससी की प्रतिष्ठा बढे। भर्तियों में लिटिगेशन नहीं हो इसके लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है। एमपी कुमावत कमेटी ने इसे लेकर रिपोर्ट तैयार की थी। कुमावत कमेटी की रिपोर्ट को लागू करें इसके लिए कार्मिक विभाग प्रयास कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष, सभी सदस्यों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को स्थापना दिवस की बधाई दी और आयोग की उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि आयोग की आज जो प्रतिष्ठा है, उसका श्रेय इसके पूर्व अध्यक्षों, सदस्यों एवं समस्त कर्मचारियों को जाता है। उन्होंने उन सभी आयोग अध्यक्षों-सदस्यों को भी याद किया जो आज हमारे बीच नहीं हैं।
