जयपुर : बिल्डर से 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के लिए लॉरेंस को जयपुर के एक हिस्ट्रीशीटर आनंद शांडिल्य ने फोन कर बोला था। दोनों के बीच दोस्ती भी गहरी थी। इसके बाद तिहाड़ और मंडोली जेल से इसका प्लान किया गया। लॉरेंस ने तिहाड़ जेल से मंडोली जेल में बंद अपने साथी संपत नेहरा को कॉल किया और इसके बाद बिल्डर को 1 करोड़ रुपए देने की धमकी दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हिस्ट्रीशीटर आनंद शांडिल्य बिल्डर से एक जमीन में पार्टनरशिप चाह रहा था। लेकिन उसने मना कर दिया। मामला सामने आने के बाद आनंद को गिरफ्तार किया है और पहले से पुलिस ने लॉरेंस, संपत को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर रिमांड पर ले रखा है।
डीसीपी प्रहलाद कृष्णियां ने बताया कि आनंद शांडिल्य निवासी जनता कॉलोनी, आदर्श नगर को रविवार देर रात गिरफ्तार किया है। वह आदर्श नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। जांच में सामने आया है कि बिल्ड़र निश्चल भंडारी के साथ आनंद शांडिल्य पार्टनरशिप में काम करना चाहता था। इसके लिए उसने प्रोजेक्ट के लिए एक जमीन भी बताई थी। सामने आया कि प्रोजेक्ट के लिए जो जमीन बताई गई थी उस पर विवाद चल रहा था। बिल्डर ने उसे पार्टनरशिप देने से मना कर दिया। मना करने के बाद भी हिस्ट्रीशीटर लगातार दबाव बना रहा था और दोस्तों के जरिए बिल्डर को मनाने का भी प्रयास किया लेकिन उसने उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इससे बिल्डर नाराज हो गया और तिहाड़ में बंद अपने दोस्त लॉरेंस को कॉल किया।
बिल्डर को सॉफ्ट टारगेट माना
पुलिस ने बताया कि बिल्डर को सॉफ्ट टारगेट माना और आनंद को बोला कि वह आराम से रुपए दे देगा। इसके बाद लॉरेंस ने मंडोली जेल में बंद अपने साथी संपत को कॉल किया और 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने को कहा। आनंद शांडिल्य की अपराधों की लिस्ट काफी लंबी है। गैंगस्टर आनंदपाल गैंग से जुड़ा था। 2016 में एसओजी ने हनीट्रेप के मामले में पकड़ा था। तब इसे अजमेर घूघरा घाटी हाई सिक्योरिटी जेल में रखा। तभी आनंद की पहचान लॉरेंस व सुभाष बराल से हुई। जेल में आनंद ने आत्महत्या करने का भी प्रयास किया था। 2015 में विद्याधर नगर में हिम्मत सिंह राजपुरा हत्याकांड में शामिल था। 2004 में दिल्ली में एक धोखाधड़ी के मामले में पकड़ा गया था। यह जयपुर राजपरिवार की प्रॉपटी को हड़पने के प्रयास में भी जेल में बंद रह चुका है। इसके खिलाफ काफी मामले विवादित जमीनों व मारपीट के दर्ज है।
यह है मामला
जवाहर नगर के बिल्ड़र को 7 सितम्बर काे लॉरेंस के नाम से कॉल आई थी। उसने बोला कि तिहाड़ से लॉरेंस बोल रहा हूं। मुझे एक करोड़ रुपए दे 2 दिन में व्यवस्था कर ले। पुलिस को मत बताना, नहीं तो दो दिन बाद कुछ ओर लूंगा। मेरे आदमी आसपास ही रहते है। बिल्ड़र घबरा गया था। 9 सितम्बर को दोबारा से कॉल आई तो बिल्ड़र ने रिसीव नहीं किया। तब उसने दो मैसेज किए थे। बिल्ड़र डर गया और जवाहर नगर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया।
