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बदल रही है तमिलनाडु की राजनीति, DMK प्रमुख M.K. Stalin होंगे नए मुख्यमंत्री

M.k stalin
  • 7 मई को लेंगे सीएम पद की शपथ

चेन्नई: कोरोना महामारी के दौरान पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव का परिणाम आ गया है। इस चुनाव परिणाम के बाद तमिलनाडु (Tamilnadu) की राजनीति में एमके स्टालिन (M.K. Stalin) प्रदेश के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं।

डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने चेन्नई स्थित राजभवन में राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से आज मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे एक दिन पहले ही उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता निर्वाचित किया गया था। डीएमके प्रमुख सात मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का पदभार संभालेंगे और उन्हें राजभवन में साधारण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।

तमिलनाडु में चला स्टालिन का जादू
DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन ने 2019 लोकसभा चुनाव के अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराते हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बेहतरीन जीत हासिल की है। विधानसभा चुनाव में डीएमके ने 133 सीट जीत ली। उसकी सहयोगी कांग्रेस की जीती सीट भी मिला ली जाएं तो 234 में से ये कुल 159 सीटें हो जाएंगी।

एमके स्टालिन का दिलचस्प करियर
एमके स्टालिन… यानी मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन. दशकों (52 साल) के बाद जयललिता और करुणानिधि और अन्य किसी राजनीतिक सितारे के बिना हो रहे तमिलनाडु चुनावों में स्टालिन हीरो वाली इमेज के साथ उभर कर आए हैं।

राजनीति में ऐसे हुई शुरुआत
1973 में स्टालिन को DMK की आम समिति में चुना गया। इसके बाद देश में आपातकाल लगा और इसका विरोध करने पर उन्हें मीसा के तहत जेल में डाल दिया गया। स्टालिन 1989 के बाद से तमिलनाडु विधानसभा के लिए चेन्नई के थाउजेंड लाइट्स निर्वाचन क्षेत्र से चार बार चुने गए हैं।

जबकि इसी शहर ने 1996 में मेयर बनाया था। 2001 में स्टालिन एक बार फिर से मेयर चुने गए, लेकिन बाद में फ्लाईओवर घोटाले के आरोप में उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 2011 के विधानसभा चुनावों से पहले स्टालिन थाउजेण्ड लाइट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते थे।

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