जयपुर। कांग्रेस ने अपनी ही सरकार से बीवीजी घूसकांड प्रकरण में नामजद आरोपी निम्बाराम की अविलम्ब गिरफ्तारी की मांग उठाई है और कहा कि इस मामले ने अपने आपको ईमानदार और अनुशासित कहे जाने वाले संगठन आरएसएस व भाजपा दोनों का मुखोटा सामने आ गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नगर निगम में कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी के भुगतान की एवज में 30 करोड़ रुपये घुस की मांग का जो ऑडियो वीडियो सामने आया है जिस व्यक्ति का चेहरा साफ दिखाई दे रहा हैं उसे आखिर गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा। चाहे वह कोई संघ का व्यक्ति हो या राजनेता उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इन ऑडियो वीडियो की एफएसएल व अन्य जांच एजेंसी से तस्दीक भी हो चुकी ऐसे में इसमें लिप्त जो भी आरोपी हो उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए चाहे ।
डोटासरा ने कहा कि यह प्रमाणित हो चुका है कि भ्रष्टाचार आरएसएस राजस्थान प्रमुख के कहने से हो रहा हैं। इनकी कारगुजारियां सामने आ चुकी हैं। अयोध्या में राममंदिर जमीन की डील का पर्दाफाश हो चुका है। समाज को ऐसे संगठनों को बहिष्कृत कर देना चाहिए। उन्होंने सरकार और एसीबी से मांग की कि इस सारे मामले को उजागर किया जाना चाहिए।
डोटासरा ने कहा कि आरएसएस के लोग सामने तो कहते हैं कि हम ईमानदार हैं और सत्य निष्ठा व्यक्ति हैं, हम राष्ट्र प्रेमी हैं, राष्ट्र के साथ काम करते हैं, हमारा राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। वीडियो में वह व्यक्ति बीवीजी कंपनी के अधिकारियों के साथ 10% कमीशन की बात कर रहे हैं, एकमुश्त लेने की बात कर रहे हैं। वीडियो में जो आरएसएस के प्रमुख व्यक्ति निंबाराम हैं, वह कह रहे हैं कि कमेटियों की जिम्मेदारी आपकी है, आप को संभालना है और मेरे बारे में किसी को बताना मत। राजाराम कह रहा है कि भाई साहब किसी से मिलते नहीं हैं, यह तो आप से ही मिल रहे हैं, आप किसी को यह बात मत बताना।
कंप्यूटर शिक्षक
कंप्यूटर शिक्षकों की स्थायी भर्ती के मसले पर डोटासरा ने सफाई दी कि व्याख्याता के रूप में जब भर्ती करेंगे तो स्थाई ही करेंगे। मैंने अधिकारियों से सम्मानजनक हल निकालने को कल ही कहा है। गहलोत सरकार शिक्षित बेरोजगार के साथ संवेदनशील है।
संगठन में नियुक्तियों का सर्वसम्मत फैसला
काग्रेस जिलाध्यक्षो के मनोनयन पर दोसर ने कहा, जिला प्रभारी दावेदारों के नाम ले रहे है। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी नामों पर विचार कर पार्टी हाईकमान को मंजूरी के लिए भेजेगी। जिलाध्यक्षो की घोषणा 15 चुलाई तक हो जायेगी। सर्व सम्मति से संगठन में नियुक्ति के काम को निपटा लिया जाएगा मनोनीत पार्षदों के मामले में उन्होंने कहा-मनोनीत पार्षद को लेकर चयन सही हो रहा। किसी तरह की कोई अवहेलना नहीं हो रही, फिर भी बात सामने आ रही तो हम उसे दिखवा रहे। सही चयन हो यह हमारी प्राथमिकता है। कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि हैँ।
