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राजस्थान को केन्द्र की मदद की दरकार : सीएम गहलोत

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  • ऑक्सीजन और दवाइयों की कमी बेहद व्यथित करने वाली

जयपुर। प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच लगातार ऑक्सीजन और दवाइयों की कमी बनी हुई है। इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह सहित केंद्र सरकार के प्रमुख लोगों से टेलिफोन पर बात की थी। उसके बाद शुक्रवार को एक बार फिर उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर कोविड महामारी का मुकाबला करें। ऑक्सीजन और दवाइयों की कमी बेहद व्यथित करने वाली है। हम केन्द्र सरकार से बार-बार निवेदन कर रहे हैं कि अन्य राज्यों और विदेशों से मदद लेकर राजस्थान एवं अन्य राज्यों की भी सहायता करें।

सिर्फ 265 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिल रही
उन्होंने कहा कि राजस्थान में लगभग 1 लाख 70 हजार एक्टिव केसेज हैं। मानकों के अनुसार करीब 12 प्रतिशत मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। यानी राजस्थान में करीब 20,400 मरीजों को आज ऑक्सीजन की आवश्यकता है। एक्टिव केसेज की गणना के आधार पर आज प्रदेश को 466 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है लेकिन फिलहाल सिर्फ 265 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिल पा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान में करीब 201 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की कमी है। राज्य में संक्रमित केस देश के कुल संक्रमितों का 5 प्रतिशत है लेकिन ऑक्सीजन आवंटन सिर्फ 1.6 प्रतिशत है। प्रदेश को एक सप्ताह के अन्दर ही कुल 550 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी। अत: केन्द्र सरकार से पुन: अनुरोध है कि इमरजेंसी के तौर पर प्रदेश को 201 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आज ही आवंटित की जाए।

राज्यों को एक-दूसरे की मदद करने की मिले छूट
इससे आगे उन्होंने कहा कि हो सकता है कि केन्द्र सरकार ने बेहतर प्रबंधन की दृष्टि से ऑक्सीजन और दवाइयों का कंट्रोल अपने हाथ में लिया हो। लेकिन राज्य यदि एक दूसरे की मदद करना चाहते हैं तो भारत सरकार की देखरेख में उन्हें इसकी छूट दी जाए। हम पुन: केन्द्र से निवेदन करते हैं कि राजस्थान की सहायता करें। राजस्थान को केन्द्र सरकार की मदद की दरकार है।

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