जयपुर। जयपुर के बाद भरतपुर के जिला प्रमुख की लड़ाई भी कांग्रेस में सड़कों पर आ गई। कांग्रेस टिकट पर जिला परिषद का चुनाव जीते भगत गादौली पहले जिला प्रमुख के उम्मीदवार थे। उन्हें जिला प्रमुख के दावेदार के रूप में ही चुनाव मैदान में उतारा गया था, लेकिन बाद में ऐनवक्त पर हलिमा को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। भगत का आरोप है कि यहां के मंत्री और विधायक सब मिले हुए थे भाजपा का जिला प्रमुख बनाने में। खुद की प्रधान सीट आ जाए इसके लिए इन्होंने समझौता कर लिया।
कांग्रेस अंर्तकलह को मीडिया के सामने सार्वजनिक करते हुए भगत ने कहा कि तकनीकी मंत्री सुभाष गर्ग तथा अन्य नेताओं ने उनका साथ नहीं दिया, जबकि भरतपुर के प्रभारी जितेन्द्र सिंह चुनाव से पहले उन्हें जिला प्रमुख का उम्मीदवार घोषित कर गए थे। जिला प्रमुखी के लिए ही उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन गर्ग एक दिन भी उनके कैम्प में नहीं आएं। धमकाते अलग हैं। उनका दावा है कि अगर यहां के कांग्रेसी नेता ईमानदारी से साथ देते तो भरतपुर में कांग्रेस का ही जिला प्रमुख बनता। इस चुनाव में केवल नौटंकी हुई हैं। मुझे एक माह से भम्रित कर रखा था। मैं तो पार्टी का सच्चा सिपाही हूं पर इन सबकी पोल खुलकर रह गई हैं।
कांग्रेस से जिला परिषद के सदस्य भगत तो यहां तक कह गए कि उनके पास जब देने को कुछ नहीं बचा तो सब भाग गए। भगत का आरोप है कि पहले से ही भाजपा के जगतसिंह को जिला प्रमुख बनाने की डील हो गई थी, उसी के अनुसार ये चुनाव परिणाम आए हैं। मैंने मुख्यमंत्री को यहां की सारी वास्तविकता से अवगत करवा दिया हैं।
