जयपुर। राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में गहलोत सरकार के दो मंत्री आपस में भिड़ पड़े। दोनों में तीखी नोकझोंक व तकरार हुई और दोनों ने एक दूसरे को देख लेने तक की धमकी तक दे डाले। ये मंत्री है शांति धारीवाल और शिक्षा मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा। धारीवाल और डोटासरा पहले कैबिनेट की बैठक मेें भिड़े इसके बाद बैठक खत्म होने के बाद बाहर आकर भी रूके नहीं। दोनों में हुई इस तकरार को दूसरे मंत्रियों में बीच बचाव कर रोका। मंत्रियों के बीच कहासुनी यहां तक पहुंच गई कि दोनों ने एक दूसरे को देख लेने तक की धमकी दे डाली।
मुख्यमंत्री निवास पर हुई इस बैठक में अन्य मंत्रियों के साथ ये दोनों मंत्री मौजूद थे। बैठक सीएमआर में होने के बावजूद सीएम बैठक से वर्चुअल जुड़े थे। बताते है कि बैठक के मुख्य एजेंडे पर चर्चा के बाद राजनीतिक चर्चा के दौरान डोटासरा को धारीवाल ने बीच में टोकने पर बात बिगड़ी।
यूं हुई तू-तू मैं-मैं की शुरुआत
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी है) ने बैठक में बताया कि काग्रेस ने आज निशुल्क वैक्सीनेशन की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान चालाया था। अब हर जिले में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। इस अभियान को ग्राउंड पर भी उतारने की जरूरत है। डोटासरा के इतना कहते ही धारीवाल ने डोटासरा से कह दिया कि इसकी क्या जरूरत है। मंत्रियों का काम ज्ञापन देने का थोड़े ही हैं। डोटासरा ने इस पर आपत्ति जताई तो धारीवाल भी अड़ गए और कहा कि मैं अपनी बात रखूंगा। इस पर दोनों में खूबी बहस हुई। बात तू तू मैं मैं तक पहुंच गई। साथी मंत्रियों ने बीच बचावकर दोनों को शांत किया।
डोटासरा ने सीएम से कहा कार्रवाई करों
डोटासरा ने सीएम से भी शिकायती लहजे में कहा कि आपके सामने धारीवाल जीे कैसा बर्ताव कर रहे हंै, कार्रवाई कीजिए। पार्टी संगठन के मुद्दे पर अध्यक्ष को बोलने तक नहीं दिया गया। डोटासरा बैठक से जाने को तैयार हो गए लेकिन सीएम ने उन्हें शांत करवाते हुए अपनी बात पूरी करने को कहा। इसके बावजूद दोनों के बीच विवाद शांत नहीं हुआ। धारीवाल ने डोटासरा से यहां तक कह दिया कि जो बिगाडऩा है वह बिगाड़ लेना। ऐसे बहुत अध्यक्ष देखे हैं।
बाहर भी भिड़े
मंत्रिमण्डल की बैठक खत्म होने के बाद बाहर आकर भी धारीवाल और डोटासरा आपस में झगड़ पड़े। दोनों ऊंची आवाज में बोलने लगे। वहां मौजूद सीएम निवास का स्टाफ भी दंग रह गया। साथी मंत्रियों ने दोनों को अलग करवाया अन्यथा हाथापाई तक हो सकती थी। धारीवाल डोटासरा से बोले- मैं आपके आदेश मानने को बाध्य नहीं, डोटासरा बोले, जयपुर प्रभारी के नाते एक मीटिंग तक नहीं ली, सोनिया गांधी को रिपोर्ट दूंगा।
जब तक पार्टी अध्यक्ष हूं मेरी बात माननी पड़ेगी
जब तक पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष हूं आदेश तो मानने ही पड़ेंगे। अभी तक पार्टी में जैसा मैं आदेश दूंगा वह सबको मानना ही पड़ेगा, आपके कौनसे सुर्खाब के पर लगे हैं। यह सुन धारीवाल गुस्सा गए और कहा मैं सब देख लूंगा, मुझे ज्ञान देने की जरूरत नहीं है। मुझे धमकाने की जरूरत नहीं हैं। बाहें चढ़ाते हुए लड़ रहे दोानों मंत्रियों को साथी मंत्रियों ने अलग किया। डोटासरा जब अपने निवास पर मौजूद मीडिया कर्मियों से बात करने पहुंचे तो कई देर तक तो कैमरे के सामने कुछ बोले ही नहीं। उनकों देख लग रहा था कि कुछ हुआ है बैठक में। मीडिया ने उनसे पूछना भी चाहा पर वे ये कहकर टाल गए कि आपसी बातचीत का क्या बताना। आज के लिए इतना ही काफी हैं।
