नागौर : राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर की सांसद रंजीता कोली के आवास के बाहर आपराधिक तत्वों द्वारा की गई फायरिंग व कारतूसों के साथ रखे गए धमकी भरे पत्र पर अपराधियो के ऐसे कृत्य की निंदा की। साथ ही अपराधियो की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आरोप लगाते हुए कहा कि गहलोत हमेशा जाट तथा किसान कौम के विरोधी रहे हैं और ऐसे में उन्हें जब भरतपुर की दलित महिला सांसद के आवास के बाहर फायरिंग की घटना संज्ञान में आई तो केवल दलित वोट बैंक को खुश करने के लिए उन्होंने एसओजी से जांच करवाने की बात कही।
जबकि दूसरी तरफ 2019 में नवंबर माह में बाड़मेर जिले में गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी व सीएमओ के इशारे पर मंत्री हरीश चौधरी के भाई व परिजनों तथा दजनों हार्डकोर हथियारबंद अपराधियो द्वारा मेरे काफिले पर बाड़मेर पुलिस की मौजूदगी में जानलेवा हमला किया गया। उसके बावजूद मामले में आज तक कार्यवाही करना तो दूर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि घटना के दौरान केंद्र के एक मंत्री भी उनके साथ थे। बावजूद इसके सरकार ने कोई कार्यवाही अपराधियो के विरुद्ध नही की और मामले को लेकर वो लोकसभा की विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष गए। जिसमे राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी सहित कई अधिकारियों को लोक सभा ने तलब किया और लोकसभा में समिति के समक्ष उक्त अफसरों द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। वही लोकसभा मे भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
उसके बावजूद आज तक एफआईआर दर्ज नही की गई। जो मुख्यमंत्री की संकीर्ण मानसकिता को दर्शाता है, क्योंकि लोक सभा चुनाव में सीएम अपने बेटे को आरएलपी कार्यकर्ताओ की वजह से मिली हार को पचा नही पा रहे है और द्वैषतापूर्ण राजनीति कर रहे है। जो यह भी जाहिर करता है कि सीएम अपनी सुविधा अनुसार राजनीति करते है। सांसद ने जन प्रतिनिधियों पर हमलों की बढ़ती घटनाओ को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
