प्रियंका, वेणुगोपाल, माकन की उपस्थिति में गहलोत सरकार का रोड मैप तैयार, मंत्रिमण्डल – राजनीतिक नियुक्तियों पर हुआ महामंथन

- मंत्रिमण्डल का शपथ ग्रहण इस माह कभी भी, माकन का दावा- 2023 में फिर से सत्ता में लौटने तक की तैयारी में कांग्रेस

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प्रियंका, वेणुगोपाल, माकन की उपस्थिति में गहलोत सरकार का रोड मैप तैयार, मंत्रिमण्डल – राजनीतिक नियुक्तियों पर हुआ महामंथन

नई दिल्ली। राजस्थान को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की खास मौजूदगी में संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल और अजय माकन के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ चर्चा का दौर पूरा होने के साथ ही मंत्रिमण्डल विस्तार का रास्ता साफ हो गया। राजनीतिक नियुक्तियां भी अब शीघ्र हो जाएगी, लेकिन कितने तारीख को मंत्रिमण्डल फेरबदल अथवा विस्तार होगा इसकी तारीख का हालांकि अभी खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि आने-वाले चार से दस दिनों के बीच मंत्रिमण्डल का शपथ ग्रहण हो जाएगा। राजस्थान काे लेकर दिल्ली में कल भी बैठकों का दौर जारी रहने की संभावना है। अशोक गहलोत की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी होनी है। बताया जाता है कि सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार पर फाइनल फैसला होगा।

राजस्थान के प्रभारी महासचिव अजय माकन ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस बात की पुष्टि कि बैठक में मंत्रिमण्डल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई हैं। उनका कहना था कि आज की बैठक में राजस्थान को लेकर रोड मैप पूरी तैयार हो चुका है। माकन का दावा है कि 2023 में कांग्रेस फिर से राजस्थान में कैसे सत्ता में लौटेगी उस पर गहन मंथन हुआ हैं। एक-एक करके रोड मैप के अनुसार जो बदलाव होना है वह जनता के सामने आ जाएगा, लेकिन माकन आज मंत्रिमण्डल को लेकर किसी प्रकार की तारीख बताने से बचते रहे। बहुत सी बातों में कंफ्यूजन दूर हुआ है और आगे का रोडमैप तैयार हुआ है।

तुगलक रोड स्थित राहुल गांधी के आवास पर हुई इस बैठक में राहुल गांधी देश से बाहर होने के कारण बैठक में शामिल नहीं थे। माना यह जा रहा है कि बैठक के दौरान उनकी भी सहमति ले ली गई। तीन घंटे से अधिक चले इस विचार मंथन के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत संभवत: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर जयपुर लौटेंगे तभी सारी तस्वीर साफ हो पाएगी, लेकिन मौटे तौर पर इस बार बात बन गई हैं। पहले गहलोत ही मंत्रिमण्डल और राजनीतिक मसले को टाले जा रहे थे, जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनका खेमा आलाकमान पर इस बात का दवाब बनाए हुए थे कि पायलट गुट से हुए सुलह समझौते के अनुसार जिन शर्तों को माना गया था उन्हें बिना किसी देरी के लागू क्यों नहीं किया जा रहा।

पायलट दिल्ली से जयपुर लौटने से पहले आज भी सुबह वेणुगोपाल से मिलकर आए थे। पायलट आज दिन में अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक के दौरे पर रहे। पायलट गुट की शर्तों में से कितना अमल हो पाता है यह तो मंत्रिमण्डल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियां होने पर ही सामने आ पाएगा। हालांकि आलाकमान से हुई चर्चा के बाद पायलट के चेहरे पर मुस्कान ही देखने को मिली। पायलट को उम्मीद है कि आलाकमान उचित निर्णय करेगा।

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