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राजसमंद में भाजपा और सहाड़ा व सुजानगढ़ में कांग्रेस जीती
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सहानुभूति की लहर में जीते तीनो प्रत्याशी
जयपुर। राजस्थान में हुए तीन विधानसभा उपचुनावों (By Election) के मतगणना के बाद जो परिणाम सामने आएं है, उनसे साफ है कि भाजपा को कांग्रेस ने नहीं हराया भाजपा अपनी गलतियों के कारण हारी। राजसमंद में तो भाजपा को किरण माहेश्वरी के निधन से उपजी सहानुभूति की लहर का सहारा मिल गया, लेकिन सहाड़ा और सुजानगढ़ में जिस कदर मुंह की खानी पड़ी उसने जता दिया कि प्रदेश नेतृत्व परिपक्व नहीं हैं।
चुनाव परिणामों को मोटे तौर पर भी देखे तो सुजानगढ़ में मास्टर भंवरलाल के निधन से सहानुभूति के बावजूद भाजपा व हनुमान बेनीवाल की पार्टी दोनों के वोट मिलाकर कांग्रेस से ज्यादा हैं। यानी बेनीवाल से समझौता होता तो यहां कांग्रेस की जीत नहीं होती। सहाड़ा का जहां तक सवाल हैं वहां रतनलाल जाट के स्थान पर लादूलाल पितलियां को टिकट दिया जाता और बेनीवाल से समझौता होता तो यहां भी कांग्रेस पर भाजपा गठबंधन भारी पड़ सकता था।
सहानुभूति की लहर ने सबकी नैया लगाई पार
सहाड़ा से कांग्रेस की गायत्री देवी, सुजानगढ़ में कांग्रेस के मनोज मेघवाल और राजसमंद से भाजपा की दीप्ति माहेश्वरी ने जीत दर्ज की है। तीनों सीटों पर दिवंगत विधायकों के परिजनों को पार्टी ने टिकट दिया था, तीनों ने जीत दर्ज की। यानी सहानुभूति की लहर ने सबकी नैया पार लगा दी। ऐसा इसलिए भी जीत दर्ज करने वाले तीनों विधायक पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी उम्मीदवारों को जीत की बधाई दी तथा अधिक अंतर से जीत पर प्रसन् नता व्यक्त करते हुए कहा कि राजसमंद में भी मुकाबला टक्कर का रहा है।

कौन कितने अंतर से जीता
राजसमंद सीट पर दिवंगत किरण माहेश्वरी की बेटी और भाजपा उम्मीदवार दीप्ति माहेश्वरी ने कांग्रेस उम्मीदवार तनसुख बोहरा को 5310 वोटों से हराया है। दीप्ति माहेश्वरी को 74,704 वोट मिले जबकि तनसुख बोहरा को 69,394 वोट मिले हैं। सहाड़ा सीट पर दिवंगत कांग्रेस विधायक की पत्नी गायत्री त्रिवेदी ने भाजपा उम्मीदवार डॉ. रतनलाल जाट को 42,099 वोटों से हराया। गायत्री देवी को 81,252 वोट मिले जबकि उनसे हारे रतनलाल जाट को 39052 और आरएलपी उम्मीदवार बद्रीलाल जाट को 12,175 वोट मिले।

सहाड़ा में पितलिया फैक्टर से भाजपा को नुकसान
सहाड़ा में भाजपा के बागी लादूलाल पितलिया को जबरन चुनावी मैदान से हटने के लिए बाध्य करने के विवाद से भाजपा को भारी नुकसान हुआ है। पितलिया के मन में चुनाव न लडऩे देने की टीस के वायरल ऑडियो से भाजपा को नुकसान होता दिख रहा है। दिवंगत कैलाश त्रिवेदी की पत्नी गायत्री त्रिवेदी को सहानुभूति का वोट मिला है।
राजसमंद में भाजपा को जीत के लिए करना पड़ा संघर्ष
राजसमंद में भाजपा उम्मीदवार दीप्ति माहेश्वरी और कांग्रेस उम्मीदवार तनसुख बोहरा के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। भाजपा-आरएसएस के गढ़ राजसमंद में दिवंगत किरण माहेश्वरी की बेटी को जीतने के लिए संघर्ष करना पड़े, यह चौंकाने वाला है। राजसमंद में भाजपा को आपसी गुटबाजी, कटारिया के महाराणा प्रताप पर दिए बयान का नुकसान दिखा।
सुजानगढ़ में किसको कितने मिले वोट
सुजानगढ़ सीट पर दिवंगत कांग्रेस विधायक, मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के बेटे मनोज मेघवाल ने भाजपा के खेमराराम मेघवाल को 35,500 वोटों से हराया है। मनोज मेघवाल को 78,842 वोट मिले। खेमराम मेघवाल को 43,424 वोट और आरएलपी के सोहनलाल नायक को 31993 वोट मिले हैं।
