नई दिल्ली : संसद में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना काल में प्रवासियों को लेकर जो बातें कही, उसे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने झूठा करार दिया। इसके बाद उनके और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के बीच ट्विटर वॉर छिड़ गई। दिल्ली के सीएम ने यूपी के अपने समकक्षीय मुख्यमंत्री को इसके बाद निर्दयी और क्रूर शासक करार दिया। जबकि, सीएम योगी ने उन्हें झूठा बताते हुए कहा कि उन्होंने जबरदस्ती श्रमिकों को दिल्ली से कोरोना काल में भगाया।
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केजरीवाल पर तंज करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल का आदरणीय प्रधानमंत्रीजी के बारे में आज का बयान घोर निंदनीय है। अरविंद केजरीवाल को पूरे राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए। गोस्वामी तुलसीदासजी ने उनके जैसे लोगों के बारे में ही कहा है कि…झूठइ लेना, झूठइ देना। झूठइ भोजन, झूठ चबेना।’
सुनो केजरीवाल, जब पूरी मानवता कोरोना की पीड़ा से कराह रही थी, उस समय आपने यूपी के कामगारों को दिल्ली छोड़ने पर विवश किया। छोटे बच्चों व महिलाओं तक को आधी रात में यूपी की सीमा पर असहाय छोड़ने जैसा अलोकतांत्रिक व अमानवीय कार्य आपकी सरकार ने किया। आपको मानवताद्रोही कहें या…’ योगी आदित्यनाथ ने इसके बाद दो और ट्वीट के जरिए केजरीवाल पर निशाना साधा।
योगी आदित्यनाथ के इस तंज पर केजरीवाल भी कहां चुप रहने वाले थे। उन्होंने भी पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- सुनो योगी, आप तो रहने ही दो। जिस तरह UP के लोगों की लाशें नदी में बह रहीं थीं और आप करोड़ों रुपए खर्च करके Times मैगजीन में अपनी झूठी वाह वाही के विज्ञापन दे रहे थे। आप जैसा निर्दयी और क्रूर शासक मैंने नहीं देखा।





