मुंबई : नवी मुंबई में एयरपोर्ट के नाम की लड़ाई में हजारों लोग महामारी को भूल गए। दरअसल, नवी मुंबई में बन रहे एयरपोर्ट को लेकर को यहां हजारों लोगों ने सड़कों पर उतर कर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम दिवंगत ‘दिनकर बालू या डीबी पाटिल’ एयरपोर्ट रखने की मांग की। सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तोड़ते हुए लोगों ने कई घंटे तक यहां प्रदर्शन किया। कोरोना संक्रमण काल में हजारों लोगों का एक जगह जमा होना आने वाले समय में घातक हो सकता है।
इसलिए हो रहा है बवाल
स्थानीय लोग और बीजेपी चाहती है कि एयरपोर्ट का नाम दिवंगत कार्यकर्ता ‘डी बी पाटिल’ के नाम पर रखा जाए, लेकिन शिवसेना हवाई अड्डे का नाम पार्टी संस्थापक ‘बाल साहब ठाकरे’ के नाम पर रखना चाहती है। इसी बात को लेकर विरोध हो रहा है। आज डीबी पाटिल का स्मृति दिवस है। वे नवी मुंबई के बड़े किसान नेता माने जाते हैं। डी बी पाटिल ने एयरपोर्ट निर्माण से पहले उनकी जमीनों के अधिग्रहण के दौरान लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था।

हवाई अड्डे के निर्माण को रोकने की चेतावनी भी दी
प्रदर्शनकारियों ने सिडको प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और निगम से हवाई अड्डे का नाम शिवसेना के दिवंगत सुप्रीमो बाल ठाकरे के नाम पर रखने के प्रस्ताव को रद्द कर इसके बजाय 15 अगस्त से पहले इसका नामकरण डी बी पाटिल के नाम पर करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे हवाई अड्डे के निर्माण का कार्य रोक देंगे।
प्रदर्शन में यह नेता हुए शामिल
प्रदर्शन में पूर्व सांसद रामशेठ ठाकुर, वामपंथी नेता दशरथ पाटिल, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई, नेता संजीव नायक, पूर्व विधायक जगन्नाथ पाटिल और मनसे विधायक राजू पाटिल ने भी हिस्सा लिया।
