पारंपरिक कुटीर उद्योगो को बचाने की है जरूरत- बेनीवाल

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बेनीवाल

नई दिल्ली : राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए बेरोजगारी की समस्या, उद्योगों के विकास पारंपरिक उद्योगों के संरक्षण व उद्योगों में 80 प्रतिशत स्थानीय लोगो को रोजगार देने के लिए एक्ट बनाने सहित कई मुद्दों को संसद में उठाया। सांसद बेनीवाल ने कहा कि उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी के साथ कार्य करे तो बेरोजगारी की समस्या का काफी हल निकल सकता है। सांसद बेनीवाल ने कहा कि चीन से खिलौने व इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद सहित कई प्रकार की सामग्री भारत मे आयात करने से भारत के पारंपरिक कुटीर उद्योगों पर काफी विपरीत प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा सरकार ने असुरक्षित खिलौने पर प्रतिबन्ध लगाया। वही सरकार मेक इंडिया की बात करती है लेकिन आज पारंपरिक उद्योग की हालात धरातल पर बहुत खराब है।

सांसद बेनीवाल ने नागौर के पारंपरिक हैंड टूल्स उद्योग और टांकला के दरी उद्योग की बदहाल स्थिति की तरफ भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। बेनीवाल ने ई कॉमर्स सेक्टर में भारत की कंपनियों को ज्यादा मुनाफा देने की नीति पर ध्यान देने व एफएमसीजी सेक्टर में खराब चीजों को नए स्तर से पैक करके बेच दिया जाता है। उस पर सरकार को प्रभावी कार्यवाही करने की जरूरत है। सांसद ने राजस्थान के उत्पादों के निर्यात के लिए और अधिक प्रोत्साहन देने की मांग उठाई।

मार्बल, ग्रेनाइट व लाइम स्टोन व नमक उद्योग पर जीएसटी को कम किया जाए

सांसद बेनीवाल ने राजस्थान के किसानों को उनकी खातेदारी में लाइम स्टोन के पट्टे देने व मार्बल उद्योग तथा ग्रेनाइट उद्योग तथा नमक उद्योग के संरक्षण की मांग उठाई व एंटी डंपिंग लगाने की मांग की और कहा कि मार्बल व ग्रेनाइट पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने से काफी विपरीत प्रभाव ऐसे उद्योगों पर पड़ा है। इसलिए इन पर जीएसटी को कम किया जाए क्योंकि इस कारण से इस क्षेत्र में विदेशी आयात बढ़ रहा है तथा बाड़मेर जिले में सीएसआर फंड का सही उपयोग नही होने सहित कई मुद्दों को भी संसद में उठाया।

बेनीवाल ने राजस्थान की दरीबा माइंस, व झावर माइंस सहित कई कंपनियों का नाम सदन में लेते हुए कहा कि जिंक,सिल्वर व मर्करी का उत्पादन होता है लेकिन यह कंपनियों पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रही है और खेती योग्य भूमि बंजर हो गई और स्थानीय लोगो को रोजगार तक नही दिया जाता। इस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। वही सांसद ने बाड़मेर में कार्यरत कंपनियों में भी स्थानीय लोगो को रोजगार नही देने के कारण उत्पन्न स्थिति की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित किया। सांसद ने नागौर के डेगाना में टंगस्टन उद्योग, झुंझनु के खेतड़ी में कॉपर उद्योग व बीकानेर के कोयला उद्योग को पुनर्जीवित करने की मांग उठाई। सांसद बेनीवाल ने नागौर की विश्व प्रसिद्ध पान मैथी के विक्रय मूल्य को बढाने के लिए नीति लाने, पान मैथी के लिए जीआई टैगिंग देने व मैथी को मसाला कॉमोडिटी में शामिल करने की मांग उठाई।

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