-भारत की चिंता और बढ़ी
नई दिल्ली :यूके में B.1.617.2 वैरिएंट की वजह से वहां वैक्सीनेशन के बावजूद तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है जानकारों का मानना है कि एक डराने वाली बात ये भी है कि अच्छे वैक्सीन कवरेज के बाद भी ये वैरिएंट तेजी से फैल रहा है।अगर हम यूके का ट्रेंड देखें तो वहां अब युवा आबादी में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। भारत में एक्सपर्ट चिंता जता चुके हैं कि तीसरी लहर में संक्रमण युवाओं को ज्यादा संक्रमित कर सकता है। भारत के लिए चिंता की बात वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार है।
यूके में अब तक 3.8 करोड़ लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है, जो वहां की युवा आबादी का 70% और कुल आबादी का 58% है।वहीं, 2.4 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं। ऐसे में दो सवाल खड़े होते हैं। पहला तो ये कि क्या वैक्सीनेशन भी कोरोना को रोकने में नाकाम है? और दूसरा ये कि क्या वैक्सीनेशन पिछली लहरों की तुलना में इस लहर को अलग बना सकता है?
भारत को चिंता
सरकार के मुताबिक, अब तक 20 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है लेकिन सिर्फ 4 करोड़ लोग ही ऐसे हैं जिन्हें वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। यानी, अभी तक देश की 3.1% आबादी ही पूरी तरह वैक्सीनेट हो पाई है।
