नई दिल्ली : कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गोवा को डराने के बाद अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान तौकते (Tauktae Cyclone) बीती रात गुजरात पहुंचा। इसके असर से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और मकान गिर गए। राहत की बात यह है कि करीब 12 घंटे बाद अब तूफान कमजोर पड़ गया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बताया कि तूफान की वजह से राज्य में 3 लोगों की मौत हुई है। तेज हवाओं की वजह से 40 हजार पेड़ गिर गए हैं और 16,500 कच्चे मकानों को नुकसान हुआ है। तौकते (Tauktae Cyclone) से 3 दिन में 5 राज्यों में 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 11 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। इनमें रायगढ़ जिले से 4, रत्नागिरी और ठाणे से 2-2, सिंधुदुर्ग और धुले जिले से 1-1 शामिल हैं। इसके अलावा एक व्यक्ति की मौत मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुई है। तूफान से महाराष्ट्र में 6 हजार 349 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। इससे पहले सोमवार और रविवार को तूफान की वजह से कर्नाटक के अलग-अलग जिलों में 5 लोगों की मौत हुई थी। वहीं गोवा और तमिलनाडु में 2-2 लोगों की जान गई थी।

अरब सागर में 4 जहाजों में 495 लोग फंसे
तौकते तूफान के बाद मुंबई के समुंदर में 4 जहाज फंस गए हैं। इन जहाजों पर 710 लोग फंसे हैं और इनमें से अब तक 215 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 495 अभी भी फंसे हुए हैं। मुंबई से 175 किमी दूर हीरा फील्ड्स में बार्ज P-305 पर रेस्क्यू मिशन जारी है। इस पर सबसे ज्यादा 273 लोग सवार थे, इनमें से 177 को रेस्क्यू किया गया है।
तूफान की मौजूदा स्थिति यह है?
अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान तौकते अब गुजरात से राजस्थान की तरफ बढ़ गया है। इस चक्रवात के चलते आज पूरे राज्य में बादल छाए हुए हैं। जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में आज सुबह से ही हल्की बारिश का दौर भी शुरू हो गया। डूंगरपुर, बांसवाड़ा में भारी बारिश होने की चेतावनी का देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों से घर से बाहर न निकलने की अपील की है। प्रशासन ने बिजली गुल होने की आशंका को देखते हुए सभी अस्पतालों में जेनरेटर और ऑक्सीजन का बैकअप तैयार कर लिया है।
तौकते गुजरा नहीं, नए तूफान की आहट
अभी ताऊ ते गुजर ही रहा है कि मौसम विभाग ने बताया है कि अंडमान के पास एक नया तूफान विकसित होने के संकेत मिले हैं। ये 23 मई को पूर्वी तट की ओर बढ़ेगा। इसके रास्ते और दिशा के बारे में एक-दो दिन में स्थिति साफ होगी।
