नई दिल्ली: केंद्र सरकार के पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद अब राजस्थान सरकार पर वैट कम करने का दबाव बढने लगा है।पड़ोसी राज्य के पेट्रोल डीज़ल की रेट राजस्थान से बहुत कम है। बीजेपी के बाद अब पायलट गुट के कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ने भी गहलोत सरकार से डीजल-पेट्रोल पर तत्काल वैट कम करने की मांग की है।
राजेंद्र चौधरी ने कहा- केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी में कमी के बाद अब राज्य सरकार को अविलंब पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करना चाहिए। जब हमारे पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा वैट कम कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं? सरकार को इस पर तत्काल फैसला करना चाहिए।
चौधरी ने कहा- राजस्थान में पड़ोसी राज्यों की तुलना में डीजल-पेट्रोल पर वैट ज्यादा होने से रेट ज्यादा है। इसका लोगों और सरकार दोनों को नुकसान हो रहा है। राजस्थान में वैट ज्यादा होने से पंजाब, हरियाणा, यूपी, गुजरात के बॉर्डर के जिलों के सैकड़ों पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर हैं। लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट व्हीकल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, यूपी से ही तेल भरवाते हैंं। इन राज्यों की सीमा से लगते लोग भी पड़ोसी राज्यों से ही डीजल-पेट्रोल लेते हैं। वैट ज्यादा होने से हमें रेवेन्यू का भारी नुकसान हो रहा है। सरकार को चाहिए कि वह पड़ोसी राज्यों की तुलना में हमारे यहां वैट सबसे कम कर दे, ताकि पड़ोसी राज्यों के लोग राजस्थान में पेट्रोल-डीजल लेने आएं। इससे रेवेन्यू बढ़ जाएगा। मौजूदा हालत में और कोई विकल्प नहीं बचा है।
