नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के जरिए देश की जनता को संबोधित किया। कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मांग अचानक बढ़ गई। देश ने आपदा के बीच अपनी क्षमताओं को बढ़ाया। देश पूरी ताकत के साथ कोविड से लड़ रहा है, पिछले 100 सालों में ये सबसे बड़ी महामारी है। इसी महामारी के बीच भारत ने अनेक प्राकृतिक आपदाओं का भी डटकर मुकाबला किया है। इस संकट की घड़ी में बड़े धैर्य के साथ, अनुशासन के साथ मुकाबला किया है। जल-थल-नभ तीनों सेना के सभी जवान कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जुटे हुए हैं। पूरे देश को उन पर गर्व है।
देश के लिए निभाया कर्तव्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रंटलाइन वर्कर्स, डॉक्टर्स और नर्सों ने लगातार काम किया और आज भी कर रहे हैं। हमारे टैंकर और ट्रेन ड्राइवर्स ने भी आगे आकर देश के लिए अपने कर्तव्य को निभाया है। कार्यक्रम (Mann Ki Baat) के अंत में लोगों से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को इसी तरह आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी, मास्क और वैक्सीन ही जीत का रास्ता है।
मोदी के संबोधन की 4 अहम बातें
अब हम आपदाओं में ज्यादा जान बचा पा रहे
ताऊ ते और यास तूफान से देश लड़ा और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की। पिछले कुछ सालों में हम आपदाओं में ज्यादा से ज्यादा जान बचा पा रहे हैं। संकट की घड़ी में जिस धैर्य, साहस और अनुशासन से आपदा प्रभावित राज्यों के लोगों ने काम किया, उनका धन्यवाद। जो लोग मदद के लिए सामने आए उन्हें सैल्यूट करता हूं। केंद्र और राज्य सभी मिलकर इन आपदाओं से लड़े। जिन्होंने अपनों को खोया, उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
किसानों और गरीबों की भी बात की
कोरोना के काल में भी किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन किया और रिकॉर्ड खरीदी भी हुई है। दाम भी बहुत अच्छा मिला है। 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है ताकि गरीब के घर में भी चूल्हा जले। अगरतला के किसान कटहल की पैदावार करते हैं। इसकी मांग देश-विदेश में हो सकती है। ये कटहल रेल से गोवाहाटी लाए गए और अब यहां से लंदन भेजे जा रहे हैं।
बिहार की शाही लीची का नाम सुना होगा। इसे सरकार ने जीआई टैग दिया था। इस बार बिहार की लीची भी लंदन भेजी गई है। विजय नगरम के आम का नाम किसने नहीं सुना। अब ये रेलवे के जरिए दिल्ली भेजे जा रहे हैं।
सरकार के 7 साल की उपलब्धियां जनता को समर्पित की
- आज ही केंद्र में उनकी सरकार के 7 साल पूरे हुए हैं। भारत दूसरे देशों की सोच और उनके दबाव में नहीं है। वह अपने संकल्प से चलता है। भारत अपने खिलाफ साजिश करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देता है। जब भारत राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर समझौता नहीं करता, तो हमें लगता है कि हम सही रास्ते पर हैं।
- देश सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर चला है। 7 साल में जो भी उपलब्धि रही है, वो देश की रही, देशवासियों की रही। कितने ही राष्ट्रीय गौरव के क्षण हमने साथ अनुभव करे। हम ऐसे ही आगे बढ़ते रहेंगे और हर लड़ाई जीतते रहेंगे।
- आजादी के बाद 7 दशकों में साढ़े तीन करोड़ घरों में पानी का कनेक्शन था। 21 महीनों में साढ़े चार करोड़ घरों में पानी का कनेक्शन दिया गया। 7 साल में भारत ने डिजिटल लेनदेन में नई दिशा दिखाई है। ये कोरोना के वक्त में बहुत अच्छा साबित हो रहा है। 7 साल में हम रिकॉर्ड सैटेलाइट भेज रहे हैं और रिकॉर्ड सड़कें बना रहे हैं। पूर्वोत्तर से लेकर कश्मीर तक विश्वास का नया माहौल बना है और हमने बरसों पुराने विवाद शांति के साथ सुलझाए हैं।
हमने कई परीक्षाएं दी और मजबूत होते गए
जहां सफलताएं हैं, वहा परीक्षाएं भी होती हैं। हमने कई परीक्षाएं दी और हर बार मजबूत होकर निकले हैं। कोरोना महामारी के रूप में इतनी बड़ी परीक्षा हमारे सामने हैं। पूरी दुनिया को इसने परेशान किया है। कितने लोगों ने अपनों को खोया है, बड़े-बड़े देश नहीं बच पाए। भारत सेवा और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। पहली वेव में भी हमने साहस और संकल्प से लड़ाई लड़ी थी और दूसरी लहर में भी हम लड़ रहे हैं। दो गज की दूरी है जरूरी। हम लापरवाही नहीं बरतेंगे और यही हमारा मंत्र है।
