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मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी और पार्टी से निकाले जाने पर छलका हरक सिंह रावत दर्द

हरक सिंह रावत

नई दिल्ली : उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री रहे हरक सिंह रावत भाजपा से निकाले जाने पर दुखी हैं। पार्टी से निकाले जाने के बाद हरक सिंह रावत एक इंटरव्यू के दौरान फूट-फूटकर रोते हुए दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि BJP ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले मुझसे एक बार भी बात नहीं की। मुझे मंत्री बनने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं है, मैं सिर्फ काम करना चाहता था। मैं इतने दिनों से घुटन में जी रहा था। अब उत्तराखंड के लोगों के लिए खुलकर काम करूंगा।’

कल देर रात उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया था। BJP ने भी 6 साल के लिए उनकी पार्टी सदस्य खत्म कर दी है। इसके बाद अब हरक सिंह रावत ने बीजेपी पर हमला बोला है, साथ ही साथ यह भी साफ किया कि वह कांग्रेस के लिए काम करेंगे।

हरक सिंह रावत ने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन रही है। वह बोले कि मैं नहीं भी जॉइन करता तो भी कांग्रेस की सरकार आती। उत्तराखंड के लोगों ने मन बना लिया है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार लानी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं से उनकी बात हुई है, हालांकि, अभी सोनिया गांधी से वह नहीं मिले हैं।

कुछ दिन पहले कैबिनेट मीटिंग में दिया था इस्तीफा

कुछ दिन पहले कैबिनेट मीटिंग में इस्तीफा देने के बाद मना लिए गए वरिष्ठ मंत्री हरक सिंह रावत को पार्टी ने रविवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय ने देर रात बयान जारी कर बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया है और इसकी जानकारी राज्यपाल को भी भेज दी है। वहीं, रावत को 6 साल के लिए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी बर्खास्त कर दिया गया है।

हरक सिंह रावत ने इससे पहले भी अपने इलाके में सुविधाओं की मांग करते हुए इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उस समय भाजपा आलाकमान के दखल देने से वे मान गए थे। इसके बाद भी चर्चा चल रही थी कि उनके और CM धामी के बीच खींचतान खत्म नहीं हुई है।

रिश्तेदारों के लिए मांग रहे थे टिकट

सूत्रों के मुताबिक, हरक सिंह अपने परिवार के लिए विधानसभा चुनावों में तीन सीटों पर अपने रिश्तेदारों व खुद के लिए टिकट मांग रहे थे। इनमें से एक टिकट वह अपनी पुत्रवधू अनुसूया को दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी एक परिवार-एक टिकट के फॉर्मूले पर ही अड़ी थी। हरक सिंह इसके खिलाफ राज्य में टिकट वितरण के लिए चल रही मीटिंग में भी शामिल नहीं हुए। इसके चलते उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, एक मीडिया चैनल से बातचीत में हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्हें अभी तक पार्टी की तरफ से अपनी बर्खास्तगी की कोई जानकारी नहीं दी गई है।

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