लखनऊ : अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन को लेकर लगे घोटाले के आरोपों पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। दो करोड़ की जमीन को 18.5 करोड़ में खरीदने को लेकर अब ट्रस्ट के सदस्य भी सवाल उठाने लगे हैं। वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को जमीन विवाद को लेकर तीन ट्वीट किए और घोटाले का आरोप लगाने वालों को रामद्रोही बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि “रामलला का भव्य मंदिर निर्माण राम द्रोहियों को बर्दाश्त नहीं हो रहा।” अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा कि “राम भक्तों को राम द्रोही उपदेश न दें।”
रामलला का भव्य मंदिर निर्माण राम द्रोहियों को बर्दाश्त नहीं हो रहा
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) June 15, 2021
राम भक्तों को राम द्रोही उपदेश न दें
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) June 15, 2021
इससे पहले सोमवार को केशव मौर्य ने कहा था कि अगर आरोप साबित हुए तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि जिनके हाथ रामभक्तों के खून से रंगे हैं, उन्हें सलाह नहीं देनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
सपा के पूर्व विधायक नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर के लिए ट्रस्ट ने दो करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ रुपए में खरीदी। उन्होंने आरोप लगाया है कि 12,080 वर्ग मीटर की जमीन सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने दो करोड़ में खरीदी थी। इसका बैनामा भी दो करोड़ में भी हुआ, लेकिन 10 मिनट बाद इसी जमीन को ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रुपए में खरीद लिया। उन्होंने जमीन खरीद में घोटाले का आरोप लगाया है।
