ड्रेगन को माकूल जबाव देने सेना के साथ बॉर्डर पर “परशु” भी रहेगा तैनात

-विप्र फाउंडेशन की ओर से स्थापित की जाने वाली 51 फ़ीट ऊंची परशुराम प्रतिमा की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रखी आधारशिला
- परशुराम कुंड क्षेत्र होगा देश के बड़े तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित
- इस पुण्य कार्य मे केंद्र व अरुणाचल सरकार के साथ विप्र फाउंडेशन भी बना सहभागी

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ड्रेगन को माकूल जबाव देने सेना के साथ बॉर्डर पर

लोहित (अरुणाचल प्रदेश)। ड्रेगन ( चीन) की घुसपैठ की हर तरह की हरकतों पर सैनिकों के साथ विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम भी दिव्य ज्योति पुंज से पैनी नजर रखेंगे तथा उनका “परशु” चीन को भारतीय सीमा में प्रवेश न करने के लिए ललकारता नजर आएगा। इसके लिए अरुणाचल में लोहित नदी के तट पर स्थित परशुराम कुंड पर विप्र फाउंडेशन की ओर से 51 फ़ीट ऊंची दिव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है जिसकी आज शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भूमिपूजन कर विधिवत नींव रखी। शाह ने इसके साथ ही यहां परशुराम कुंड स्थल पर मंदिर का जीर्णोद्धार कर स्थापित की गई 6 फ़ीट की परशुराम जी की प्रतिकृति का पूजा अर्चना कर अनावरण किया।विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों के साथ ग्रुप फ़ोटो भी खिंचवाया। केंद्र की प्रसाद योजना के तहत विकसित की जा रही इस परियोजना में केंद्र व अरुणाचल सरकार के साथ विप्र फाउंडेशन प्रमुख रूप से भागीदार बना है। 51 फ़ीट ऊंची प्रतिमा की स्थापना विप्र फाउंडेशन ही करवा रहा है। शाह ने इसके लिए विप्र फाउंडेशन की सराहना भी की।

इनकी रही उपस्थिति
भूमिपूजन समारोह में शाह के साथ अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उप मुख्यमंत्री चोवना मेन, केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक, श्री हरिहर बाबा, विप्र फाउंडेशन के संरक्षक रतन शर्मा (गुवाहाटी), भगवान परशुराम तीर्थोंन्नय समिति के मुख्य संयोजक धर्मनारायण जोशी (उदयपुर), विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा ( कोलकाता), राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम गुरुजी (इंदौर), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भरतराम तिवाड़ी (,कोलकाता), महामंत्री डॉ सीए सुनील शर्मा ( मुंबई), प्रमोद बारेगामा ( कपासन), राष्ट्रीय सचिव परमेश्वर शर्मा( सालासर), संजय त्रिवेदी (तिनसुखिया), तोलाराम तावनिया के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद थे। समारोह में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त देश के विख्यात मूर्तिकार नरेश कुमावत भी मौजूद थे। वे ही विप्र फाउंडेशन की ओर से इस दिव्य मूर्ति का निर्माण कर रहे हैं।

ड्रेगन को माकूल जबाव देने सेना के साथ बॉर्डर पर "परशु" भी रहेगा तैनात

तीर्थ के साथ पर्यटन भी
केंद्र सरकार की “प्रसाद” योजना पर्यटन मंत्रालय के अधीन हैं और इस क्षेत्र को विकसित भी धार्मिक के साथ पर्यटन स्थल के रूप में किया जा रहा है। इसके लिए अरुणाचल सरकार ने 75 हेक्टेयर की जो कार्य योजना बनाई है उसमें रिवर फ्रंट रेस्तरां, व्यूह पॉइंट, चिल्ड्रेन पार्क सहित अनेक सुविधा क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। मकर संक्रांति पर भरने वाले मेले के विस्तार की भी योजना है।

पीएम की विशेष रुचि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परशुराम कुंड को देश के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने में विशेष रुचि ले रहे हैं। मोदी ने ही 2021 में सबसे पहले केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को परशुराम कुंड विकास की आधारशिला रखने को भेजा था। मूर्ति स्थापना कार्य में भी गजेन्द्र सिंह शेखावत का महत्वपूर्ण योगदान है।

सभी की सहभागिता
अरुणाचल प्रदेश स्थित परशुराम कुंड को देश के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने में सहभागी बनी संस्था विप्र फाउंडेशन प्रतिमा स्थापना में सभी सनातनियों से सहयोग लेगी ताकि परशुरामजी केवल ब्राह्मणों के आराध्य के बने गलत मिथक को समाप्त किया जा सके। पूर्वोत्तर के इस तीर्थाटन क्षेत्र का मूर्ति स्थापना से पूरे देश से भी आत्मीय जुड़ाव हो जाएगा, क्योंकि विप्र फाउंडेशन ब्राह्मणों का वैश्विक संगठन हैं।

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