नई दिल्ली : सरकारी सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी की कोरोना (corona) वायरस के नए ‘डेल्टा प्लस वैरिएंट’ को केंद्र सरकार ने ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ यानी चिंताजनक घोषित कर दिया है। डेल्टा प्लस (Delta+) वैरिएंट को कोरोना की तीसरी लहर के लिए खतरा माना जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के अब तक 22 मरीज मिल चुके हैं।
भारत में दूसरी लहर के लिए ‘डेल्टा’ वैरिएंट को जिम्मेदार माना जा रहा है। डेल्टा प्लस’ उसी वैरिएंट का नया रूप है। एक्सपर्ट भी चिंता जता चुके हैं कि अगर भारत में कोरोना की तीसरी लहर आई तो इसके लिए डेल्टा प्लस वैरिएंट जिम्मेदार होगा।
एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने डेल्टा प्लस के वैरिएंट को ‘बेहद संक्रामक’ बताया है।”ये इतना संक्रामक है कि अगर आप इस वैरिएंट से संक्रमित किसी कोरोना मरीज के बगल से बगैर मास्क के गुजरते हैं तो आप भी संक्रमित हो सकते हैं।”कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। उनका ये भी कहना है कि अब इस बारे में पता लगाया जा रहा है कि वैक्सीन इस वैरिएंट के खिलाफ असरदार है या नहीं।
इस वैरिएंट का प्रसार सीमित है, लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है। डेल्टा प्लस समेत दूसरे वैरिएंट के मद्देनजर अगले 6 से 8 हफ्ते बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने ये भी कहा कि डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कोवैक्सीन और कोविशील्ड असरदार है और वैक्सीनेशन के बाद अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत भी नहीं पड़ रही है।
