जयपुर/लंदन : ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी राजस्थानी जीमण की जाजम में एक साथ बैठकर राजस्थानी पकवानों के चटकारे लेते रहे हैं। कोरोना के दौर में जब लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे तब मिर्चीबड़ा फेस्टिवल का अनूठा आयोजन रविवार, 18 जुलाई को कर लोगों के घरों तक पहुंचकर इस पकवान को परोसेंगे।
राजस्थान एसोसिएशन यूके (RAUK) के कार्यकर्त्ता दिलीप पुंगलिया ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारे करीब पच्चीस-तीस कार्यकर्त्ता शनिवार को लंदन में राजस्थान के इस लजीज पकवान मिर्चीबड़ा को बनाकर तैयार करेंगे। रविवार को इसका वितरण प्रवासी राजस्थानियों और अन्य लोगों को उनकी डिमांड पर निशुल्क उनके घरों तक किया जाएगा। इसे मिर्चीबड़ा फेस्टिवल नाम दिया गया है जिससे लोगों का जुड़ाव मरुभूमि से बरक़रार रहे। एसोसिएशन के कार्यकर्त्ता इस पर लगने वाला व्यय स्वेच्छा से खुद करते हैं। कुछ लोग व कंपनियां भी इस कार्य को प्रायोजित कर रहे हैं।
पुंगलिया ने बताया कि एक छोटे बॉक्स में चार-पांच मिर्चीबड़ा के साथ बूंदी भी रखी जाएगी ताकि जीभ में मिर्च की जलन लगे तो मिठास का आनंद भी ले सकें। इस फेस्टिवल के ज़रिए लोग हमें कुछ आर्थिक सहयोग भी देंगे, जिसका उपयोग हम चैरिटी कार्यों में करते हैं। राजस्थान एसोसिएशन, लंदन ने कोरोना से पीड़ित लोगों के लिए ऑक्सिजन कन्सेंट्रेटर एवं दवाएं भिजवाई थी। हाल ही में राजस्थान के आदिवासी अंचल के गरीब बच्चों के लिए 350 स्कूल ड्रेस भिजवाई गईं हैं। मिर्ची बड़ा के माध्यम से सामुदायिक सद्भाव की भावना का व्यापक प्रसार करना हमारे प्रमुख उदेश्यों में शामिल है।
