लंदन/जयपुर। सात समंदर पार यूके की राजधानी लंदन रविवार को मिर्चीबड़ा के चटखारों से गूंज उठी। अवसर था दूसरा मिर्चीबड़ा फेस्टिवल का। कोरोनाकाल में जब लोग घर में वक्त गुजार रहे थे तब कुछ प्रवासी राजस्थानी लोगों को अपने राजस्थान की याद मिर्चिबड़ा दिला रहा है। सैकड़ों प्रवासियों को कहीं जोधपुरतो कहीं नागौर, कहीं जयपुर तो कहीं पाली मारवाड़ की याद ताजा हो गईं ।
इसके माध्यम से राजस्थान एसोसिएशन ऑफ यूके ने इस फेस्ट के लिए मिर्चीबड़ा बॉक्स तैयारी की प्रक्रिया को शुद्ध और स्वच्छ तरीके से इनहॉउस तैयार किया गया था। इसको राजस्थान एसोसिएशन यूके ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव भी किया था। सेकड़ो राजस्थानी परिवारों मैं इससे रजिस्ट्रेशन कराया। मिर्चिबड़े के स्पेशल बॉक्स के लिए मीठी बून्दी के पैकेट भी तैयार करे गए।
प्रेम से सरोबार मिर्चीबड़े, मीठी और बूंदी पूरे लंदन और इसके आस पास के शहर ऑक्सफ़ोर्ड, कैंब्रिज , सविनडन, स्लॉ, विंडसर, कोलचेस्टर, केंट, क्रोयडन इस पहुंचाने मह सफलता पाई। इस पूरे डिस्ट्रीब्यूशन प्रोसेस को लीड करते हुए अजय अग्रवाल, दिगपाल सिंघ राठोर, हरेंद्र सिंह जोधा, राजीव खिचर, अनुभव चौधरी, रवि, कुलदीप शेखावत, आलोक शर्मा, दिलीप पूँगलिया, सोहन चौधरी राम प्रकाश सोनी, सृष्टि भाटी एवं सृष्टि अग्रवाल ने 500 ज्यादा परिवारों को ये खुशी का बॉक्स सफलतापूर्वक पहुंचाया। यह संख्या गत वर्ष से दुगनी है। इसी के साथ कुछ चेरिटेबल ऑर्गनायज़ेशनस को भी बॉक्स पहुँचाया गया।
इस पूरे कोविड़काल में राजस्थान एसोसिएशन ने प्रशंसनीय कार्य किया है। राजस्थान एसोसिएशन यूके ने समाज और देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को समझते हुए, ऐसे सभी व्यक्ति, परिवार और संस्थाओं की हर संभव सहायता निष्काम भाव से करना शुरू किया। इस निष्काम भाव सेवा मैं अन्य संस्थाओं जैसे एक्स्पर्ट IFT , मोज़ो इत्यादि ने खुले हृदय से सहयोग किया।
राजस्थान एसोसिएशन यूके ने लगभग 3,950 से ज्यादा खाने की टिफिन और 400 से ज्यादा राशन सामग्री (20 किलो – दाल, चावल, आटा , पास्ता, आलू , प्याज़ , बिस्किट और मसाले ) के थैले ज़रुरतमंदो को जैसे विद्यार्थी , विध्यार्थीयों के लिए यूनिफ़ॉर्मस, कोरोना से संकर्मित परिवार, वृद्धाश्रम और अस्पताल में वितरीत किये तथा इसी के साथ कम्युनिटी को व्यस्त रखने के लिए राजस्थानी कलाकार कवि, गायक, लेखक इत्यादि के लाइव शो राजस्थान Facebook/YouTube पेज पर शुरू किए , राजस्थानी बच्चों के लिए सँस्कृत , हिंदी एवं राजस्थानी भाषा की नियमित ऑनलाइन सेशंस शुरू किये है।

