जयपुर : गहलोत सरकार का सियासी संग्राम बढ़ता ही जा रहा है। सचिन पायलट खेमे की नाराजगी के बीच एक बार फिर गहलोत सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लग रहे हैं। सचिन पायलट खेमे के कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने पायलट समर्थक विधायकों के फोन टैप कराने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा विधायकों की सिफारिश पर लगे अफसर और कर्मचारियों पर एसीबी ट्रैप की कार्रवाई की धमकी देने के आरोप लगे हैं। हालांकि विधायक सोलंकी के फोन की टैपिंग हो रही है या नहीं, इस बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
विधायकों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जो सही नहीं
सोलंकी ने कहा, ‘हमारे दो तीन विधायकों ने मुझसे कहा है कि उनके फोन टैप हो रहे हैं। उनकी जासूसी कराई जा रही है। हमारे विधायकों की सिफारिश पर लगे अफसर-कर्मचारी भी परेशान हैं। उन्हें एसीबी से ट्रैप करवाने की धमकियां मिल रही हैं। वे डरे हुए हैं। कई अफसरों ने हमारे विधायकों से आकर कहा है कि उन्हें एसीबी ट्रैप का डर दिखाकर बदनाम करने की धमकियां दी जा रही हैं, इसलिए बाहर तबादला करवा दीजिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ये सब ठीक नहीं है। गहलोत सरकार के ऊपर विधायकों की जासूसी और फोन टैपिंग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह सब विधायकों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जो सही नहीं है।
पायलट खेमे की पिछली साल बगावत के वक्त लगे थे फोन टैपिंग के आरोप
सचिन पायलट खेमे की पिछले साल जुलाई में बगावत के वक्त भी फोन टैपिंग के आरोप लगे थे। भाजपा ने गहलोत सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे। इस मुद्दे पर खूब सियासी विवाद हुआ था। गहलोत खेमे ने पिछले साल जुलाई में ही विधायक खरीद फरोख्त का दावा करते हुए कुछ ऑडियो जारी किए गए थे। बीजेपी का आरोप है कि सरकार ने गैरकानूनी फोन टैपिंग की।
सरकार को कोई खतरा नहीं है
गौरतलब है कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सियासी टकराहट को लेकर एक साल बाद प्रदेश की राजनीति फिर गर्माई हुई है। सियासी संकट के बीच पायलट इन दिनों दिल्ली में हैं, जिसको लेकर कयासबाजी और बयानबाजी जारी है। हालांकि राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आज कहा कि सचिन पायलट न तो पार्टी से नाराज हैं और न ही सरकार से। उन्होंने सचिन की नाराजगी को लेकर कहा कि वे कांग्रेस के साथ हैं और राजस्थान में सरकार को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।
