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The Family Man 2 : फर्ज के बीच फंसा ‘श्रीकांत तिवारी’, मूसा की खलेगी कमी

The Family Man 2

The Family Man 2 : पिछले काफी समय से मनोज बाजपेयी के लीड रोल वाली वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन 2’ के रिलीज का इंतजार किया जा रहा था। अब फाइनली यह रिलीज हो गई है। पिछले सीजन की तरह ही इस सीजन की कहानी भी आपको काफी दिलचस्प है और आपको एक ही बार में सारे एपिसोड देखने पर मजबूर कर देगी। द फैमिली मैन द फैमिली मैन का दूसरा सीजन अमेजन प्राइम वीड‍ियो पर रिलीज कर दिया गया है।

सीरीज के पहले सीजन ने जिस तरह का ड्रामा लोगों को पेश किया, वह हर किसी को पसंद आया। अपनी ऑड‍ियंस के इस उम्मीद को द फैमिली मैन 2 में भी बरकरार रखा गया है। एक्शन और ह्यूमर तो है ही लेक‍िन इस बार सीरीज में एक नई कहानी है जिसके तार पिछले सीजन के आतंकवादी मिशन से जुड़े हैं। इस सीजन में तेलुगू सुपरस्टार सामंथा अक्किनेनी अपना हिंदी डेब्यू भी कर रही हैं।

कहानी:

दिल्ली को गैस अटैक से बचाने के बाद श्रीकांत (मनोज बाजपेयी) ने NIA की TASC टीम में काम करना छोड़ दिया है और वह अपने परिवार को ज्यादा से ज्यादा समय देने के लिए एक आईटी कंपनी में चला गया है। श्रीकांत की यह जिंदगी एकदम बोरिंग है और इसमें कुछ भी एडवेंचरस नहीं है। वह अपने परिवार के लिए खाना बनाता है और अपनी पत्नी सुचि (प्रिय मणि) को खुश करने की कोशिश करता है। हालांकि श्रीकांत के पास जेके (शारिब हाशमी) के जरिए एनआईए की सारी अपडेट्स आती रहती हैं और वह लगातार श्रीकांत को वापस बुलाता रहता है।

इसी बीच TASC को श्रीलंका की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री भास्करन के छोटे भाई सुब्बु को घेरने का काम मिलता है और यह मिशन पूरी तरह फेल हो जाता है। दूसरी तरफ अपने रोजाना के काम से फ्रस्ट्रेट हो चुका श्रीकांत एक बार फिर NIA में वापसी करता है और यहां से कहानी आगे बढ़ती है। इससे आगे की कहानी बताना ठीक नहीं होगा वरना आपको मजा नहीं आएगा। केवल इतना जान लीजिए कि पिछली बार की तरह इस बार भी श्रीकांत अपने मिशन में लग जाता है।

एक्ट‍िंग : 

पहले सीजन में हमने जिस श्रीकांत तिवारी को देखा था, वो अभी भी नहीं बदला है। हां काम जरूर बदला पर दिल तो अभी भी देश के लिए धड़कता है। श्रीकांत के किरदार में मनोज बाजपेयी दर्शकों की उम्मीद पर सौ प्रतिशत खरे उतरे हैं। अपने गुस्से को हल्के नोट पर ह्यूमरस अंदाज में जाह‍िर करने का तरीका अब भी नहीं बदला। सामंथा अक्क‍िनेनी ने राजी के किरदार को पूरी तरह जस्ट‍िफाई किया है। कैसे एक अबला नारी सी दिखने वाली मह‍िला खूंखार और निर्दयी बन जाती है, इसे राजी ने बखूबी दिखाया है।

The Family Man 2

सीरीज की डिमांड के मुताबिक राजी को शो में पूरे समय चेहरे पर एक सपाट भाव लेकर चलना था जो कि सामंथा ने इतनी बारीकी से पेश किया कि एक बार को शक हो जाए कि ये फिल्मों में नजर आने वाली वही चुलबुली-खूबसूरत सामंथा ही है। श्रीकांत तिवारी के कैरेक्टर में मनोज बाजपेयी तो राजी के रोल में सामंथा बिल्कुल सटीक नजर आए हैं। सीरीज के मुख्य किरदारों में इस बार श्रीकांत तिवारी की बेटी धृति (अश्लेषा ठाकुर) को भी अहम रोल मिला। चिढ़े हुए स्वभाव को अश्लेषा ने भी बहुत ही शानदार तरीके से दर्शाया। इनके अलावा प्र‍ियामण‍ि, सनी हिंदुजा, शरद केलकर, शार‍िब हाशमी, सीमा बिस्वास, द‍िलीप ताह‍िल, वेदांत सिन्हा समेत अन्य कलाकारों की भी तारीफ बनती है।

निर्देशन :

डायरेक्टर राज निद‍िमोरु और कृष्णा डीके के निर्देशन की दाद देनी पड़ेगी। द फैमिली मैन 1 ने तो लोगों का दिल जीता ही, द फैमिली मैन 2 भी नई कहानी से दर्शकों को इंप्रेस करती है। मजेदार बात ये है कि निर्देशकों ने सीरीज के इस मिशन के खत्म होते होते एक नए मिशन का हिंट दे दिया है। यानी कि द फैमिली मैन 2 के बाद इसके तीसरे सीजन भी आएगी। इस बार कहानी कुछ और होगी, जिसकी झलक दूसरी सीरीज के अंत में दिखाई गई है।

कहां रही कमी?

कमी की बात करें तो इस बार सीरीज में मूसा (नीरज माधव) की कमी नजर आई। शो के पहले सीजन में मासूम से दिखने वाले खूंखार आतंकवादी मूसा ने जो तबाही मचाई और जिस तरह उसे सस्पेंस थ्र‍िलर के रूप में प्रस्तुत किया गया था, वह इस बार कहीं कम दिखी। हां, राजी ने भले ही मूसा की जगह ली पर वह आक्रामकता इस बार के सीजन में पहले से कम दिखी। कहीं कहीं पर लगा कि शो में कुछ सीन्स को जबरदस्ती डाल दिया गया है।

ओवरऑल :

कुल मिलाकर कहा जाए तो द फैमिली मैन 2 एक बेहतरीन एक्सपीर‍ियंस है। लगभग 9 एप‍िसोड को आधे दिन निकालकर आराम से देखा जा सकता है। द फैमिली मैन का दूसरा सीजन आपको बोर नहीं करेगी। अगर हम मनोज बाजपेयी के फैंस के लिए इसे ट्रीट का नाम दें तो भी कोई अतिश्योक्त‍ि नहीं होगी।

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