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भगवान परशुरामजी पर डाक टिकट को मिली स्वीकृति

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नई दिल्ली। चित्तौडग़ढ़ सांसद सी.पी. जोशी के प्रयासों से केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय ने भगवान परशुरामजी पर डाक टिकट जारी करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। सांसद जोशी ने इस दौरान केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा देश ऋषि परम्परा का राष्ट्र है। इन्हीं अन्वेषक ऋषियों के ज्ञान, तप, अन्वेषणों से भारत विश्व गुरु कहलाया। आर्य संस्कृति के प्रसार से ही वसुधैव कुटुम्बकम का स्वप्न साकार किया जा सकता है।

आर्य संस्कृति के ध्वजवाहक अवतारों, प्रचेताओं, ऋषियोंं की स्मृति को अक्षुण्ण बनाने के लिए उनकी स्मृति स्वरूप डाक टिकट जारी किए, ऐसे दिव्य आत्माओं को समर्पित संस्थाओं का गठन किया तथा इनकी मृूर्तियों का अनावरण भी किया। जामदस्य श्री परशुरामजी ने अनेक शास्त्रों की रचना की। शास्त्रों के साथ ही कई ब्रह्मास्त्र, दिव्यास्त्र, रूद्रास्त्र को सिद्ध किया। पाशुपत अस्त्र, भुषुण्डी (बन्दुक), शतहनी (तोप) का आविष्कार भगवान श्री परशुराम जी ने किया। भगवान श्री परशुरामजी ने परवर्ती वाममार्गीय साधना का परिष्कार कर परशुराम तन्त्र विकसित किया वे सशस्त्र दृष्टि के प्रयोक्ता थे। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तरह परशुरामजी ने सतयुग व त्रैता के संधिकाल में जनसाधारण एवं जनजातियों को संगठित कर आर्य संस्कृति को बचाने का कार्य किया।

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सांसद जोशी ने बताया कि पूर्व में भी हमारे आग्रह पर सरकार ने भगवान परशुराम जी की तपस्या स्थली चित्तौडग़ढ़ जिले में स्थित पवित्र मातृकुण्डिया में पैनोरमा का निर्माण करवाया। इससे पूर्व भी वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप पर स्थायी डाक टिकट, वीर शिरोमणी झाला मन्ना तथा शूरवीर राव जयमल राठौड़ पर डाक टिकट जारी करने का कार्य किया।

परशुरामजी

भगवान परशुराम जी पर डाक टिकट की स्वीकृति प्रदान करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव व केन्द्रीय राज्यमंत्री देवुसिंह चौहान का समस्त देशवासियों की तरफ से आभार व्यक्त किया। इस डाक टिकट का विमोचन भगवान परशुराम जी के जन्मदिन यानि आगामी अक्षय तृतीया को किया जाना प्रस्तावित किया है। सीपी जोशी ने यह मांग लोकसभा में भी उठाई थी।

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