भरतपुर: युवा सामाजिक कार्यकर्ता देवाशीष भारद्वाज ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिख कर सुजान गंगा नहर के चारों तरफ बसी बस्तियों के निवासियों को पट्टे आवंटित करने की माँग की है। पत्र में देवाशीष भारद्वाज ने लिखा कि भरतपुर के अजय दुर्ग लोहागढ़ को सदैव अजय रखने वाली सुजान गंगा नहर के चारों तरफ बसी बस्तियाँ जिनमे ठंडी सड़क, नदियाँ मोहल्ला, खिरनी घाट, कोली घाट, सहयोग नगर,मोरी चार बाग,पाई बाग,हेड पोस्ट ऑफिस, मच्छी मोहल्ला, मोहल्ला गोपालगढ़ आदि बस्तिया आती है। यह बस्तिया भरतपुर रियासत काल से ही बसी हुई है। इन बस्तियों के निवासियों को सरकार द्वारा प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 योजना के तहत पट्टे देने से वंचित रखा गया है।
नगर निगम भरतपुर द्वारा प्रशासन शहरों संग अभियान 2021 के पूर्व ऐसी कोई तैयारी नहीं की गई जिससे इन बस्तियों के निवासियों को पट्टे दिए जा सके। भारतीय पुरात्तव सर्वेक्षण द्वारा यह साफ कहा गया है कि संरक्षक स्मारक से प्रतिष्ठित 100 मीटर क्षेत्र एवं उससे आगे 200 मीटर क्षेत्र विनियमित क्षेत्र में स्थित 16 जून 1992 से पूर्व हुए निर्माण के पट्टे दिए जा सकते है, लेकिन नगर निगम भरतपुर द्वारा सुजान गंगा नहर के चारों तरफ स्थित आवासिय बस्तियों में रहने वाले लोगो को अभियान के तहत पट्टे जारी नहीं किये जा रहे है, जबकि प्रतिबन्धित क्षेत्र सरंक्षित स्मारक 16 जून 1992 को किया गया था उससे पूर्व में नहीं। इसलिए नगर निगम भरतपुर को सुजान गंगा नहर के चारों तरफ बसी बस्तियों के निवासियों को उनके स्वामित्व के अधिकार स्वरूप पट्टे जारी किए जाने चाहिए।
