टोंक। LDC ने अपने रिश्तेदारों को रीट एग्जाम पास करने के लिए बाड़मेर के जिस दलाल को 40 लाख रुपए दिए थे उसका एड्रेस ही फर्जी निकला। पुलिस अब मिलते जुलते नाम के गांव में दलाल की तलाश कर रही है। मृतक युवक ने सुसाइड नोट में रीट एग्जाम पेपर खरीदने के लिए बाड़मेर जिले के दलाल कैलाश विश्नोई को 24 लाख, जयपुर के दलाल देवराज गुर्जर को 16 लाख रुपए देने की बात लिखी थी। इसी आधार पर टोंक पुलिस ने बाड़मेर पुलिस से संपर्क किया है।
बाड़मेर के एएसपी नरपतसिंह ने बताया कि टोंक पुलिस ने 24 लाख लेने वाले कैलाश विश्नोई के बारे में जानकारी मांगी है, लेकिन हमारे पास में केवल कैलाश विश्नोई नाम ही सामने आया है। जो एड्रेस उन्होंने बताया उन इलाको में इस नाम को कोई व्यक्ति नहीं मिला है। अब रणवा गांव नाम से मिलते-जुलते गांवो का पता लगाकर पता लगाने की कोशिश कर रहे है। जिले के संबंधित थानों के एसएचओ को निर्देश दे दिए है।
बीते 24 घंटों की जांच में कैलाश विश्नोई के बारे में पुलिस कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है। अब पुलिस इस मामले में कैलाश विश्नोई नाम के सरकारी कर्मचारियों को भी खंगाल रही है। साथ में मोबाइल नंबर की डिटेल के आधार पर पता लगाने का प्रयास कर रही है।
उल्लेखनीय है कि टोंक जिले के नगरफोर्ट थाने में लड्डूलाल मीणा के 22 साल के बेटे लोकेश कुमार मीणा ने सोमवार अलसुबह 3-4 बजे घर के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कई दिनों से परेशान था। उसने बताया कि उस पर कई लोग रुपए देने का दबाव बना रहे हैं। कैलाश विश्नोई रणवा बाड़मेर से 24 लाख रुपए व जयपुर के देवराज गुर्जर से 16 लाख रुपए रीट परीक्षा पास करवाने के लिए ले रखे थे। अब ये लोग उसे परेशान कर रहे थे, जबकि उसने ये पैसे की गारंटी नहीं ली थी। इसके बाद से लगातार लोग उसे पेमेंट देने के लिए परेशान कर रहे हैं। इस वजह से आत्महत्या की है। युवक पीडब्ल्यूडी हिंडौली में डेपुटेशन पर कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत था।
