जालोर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों ने आज जालोर में ग्रेनाइट की एक फर्म को रिएक्टिव से एक्टिव करने की एवज में एक लाख रुपए नकद लेते सेंट्रल जीएसटी के सुपरिडेन्ट श्योराम मीणा के सेल्समैन करताराम तथा मीणा को गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. महावीर सिंह राणावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जालेार की एक फर्म जय गुरुदेव ग्रेनाइट के केयरटेकर खेमाराम ने 8 फरवरी को एक परिवाद दिया था कि वित्तीय वर्ष 2020-21 की रिटर्न जमा नहीं करवाने पर सेंट्रल जीएसटी ने मेरी फर्म को रिएक्टिव कर दिया। इसेफिर से एक्टिव करने की एवज में दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही हैं। फिर एक लाख रुपए में सेंट्रल जीएसटी के सुपरिडेन्ट श्योराम मीणा तैयार हुए हैं।
एसीबी ने इसकी तस्दीक की तथा फिर श्योराम मीणा के कहने पर पहले तो जालोर में एक पेट्रोल पम्प के ऑफिस में अकाउंटेंट नितेश कुमार को रिश्वत देने को भेजा,लेकिन वहा उक्त व्यक्ति के नहीं मिलने पर ये राशि सेल्समैन कतरराम को देने की कही। कतरराम को देते हुए ही उसे रंगे हाथें गिरफ्तार किया गया।, जबकि पेट्रोल पम्प का अकाउंटेंट नितेश कुमार फरार है उसकी भी तलाश की जा रही हैं। एसीबी श्योराम मीणा के घर व उसके अन्य ठीकानों पर भी तलाशी ले रही हैं। इस पूरे मामले को डीआईजी कैलाश विश्नोई देख रहे हैं।
