जयपुर : विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की सदन के वेल में मुलाकात हुई। राज्यपाल के सदन से जाने के बाद गहलोत वसुंधरा राजे के पास पहुंचे। गहलोत ने वसुंधरा राजे से कहा कि आप लोग बैठे-बैठे ही ये तख्तियां दिखा देते तो हम विरोध मान लेते, घंटे भर खड़े रहने की क्या जरूरत थी? इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस और बीजेपी के विधायक भी राजे के पास खड़े थे। दोनों नेताओं ने लाइट मूड में बातचीत की और हंसी-मजाक का दौर भी चला। लंबे समय बाद सदन के भीतर यह सीन देखने को मिला। आज की यह मुलाकात सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान आज बीजेपी विधायकों ने पूरे समय खड़े रहकर REET की सीबीआई जांच की मांग को लेकर विरोध जताया था और तख्तियां लहराई थी।
इससे पहले अपने अभिभाषण में राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि राजस्थान कोरेाना मैनेजमेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदेश है। राजस्थान कोविड मैनेजमेंट में रोल मॉडल बनकर उभरा है, इस आपदा से सरकार ने बेहतर तरीके से निपटा है। किसी को भूखा नहीं सोने दिया। कोविड काल में 33 लाख परिवारों को सहायता दी। 1815 करोड़ खर्च किए। प्रवासी मजदूर जब पलायन कर रहे थे, तब राज्य सरकार ने मजूदरों को वाहन लगाकर गंतव्य तक पहुंचाया। रोज 1 लाख कोविड टेस्ट करने की क्षमता विकसित की। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही भाजपा विधायकों ने REET पेपर लीक को लेकर सदन में तख्तियां लहराई और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
