बाड़मेर : भारत-पाक से लगती सीमा पर एसओजी, पुलिस और बीएसएफ को 14 किलो 740 ग्राम हेरोइन मिली है। एसओजी की टीम पंजाब तस्कर कमलजीत को सीन रीक्रिएट के लिए पांचला सरहद में बॉर्डर तारबंदी के पास के धोरों में पैदल ले जा रही थी। इस दौरान बॉर्डर तारबंदी से कुछ ही दूरी पर एक खेत में हेरोइन एक कट्टे में झाड़ियों में दबी हुई मिली। कट़्टे में हेरोइन के 14 पैकेट थे। ऐसा भी बताया जा रहा है कि संयुक्त कार्रवाई में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। हेरोइन की अनुमानित कीमत 35 करोड़ रुपए आंकी गई है।
दरअसल, वर्ष 2021 फरवरी में 7 किलो और जुलाई में 22 किलो हेरोइन पकड़ी गई थी। इस हेरोइन तस्करी में एसओजी ने पंजाब तस्कर कमलजीत को गिरफ्तार किया था। तस्कर को सीन रीक्रिएट के लिए पांचला ले गई।
हेरोइन की खेप कई माह पुरानी
एसओजी एएसपी कमल सिंह, गडरारोड पुलिस और बीएसएफ के साथ भारत-पाक बॉर्डर तारबंदी के नजदीक पंजाब तस्कर को सीन रीक्रिएट के लिए ले गई थी। झाड़ियों में एक कट्टा दिखाई दिया। जब कट्टे को खोला गया तो उसमें 14.740 किलो हेरोइन थी। इस पर एसओजी ने हेरोइन को जब्त किया गया। बताया जा रहा है कि हेरोइन की खेप कई माह पुरानी है। इस कार्यवाही में एसओजी एएसपी कमलसिंह, हेड कांस्टेबल बुधराम, कांस्टेबल सीताराम, ठाकराराम, शंकर, बीएसएफ इंस्पेक्टर संदीप सिहाग, रूप कुमार, सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार, नरेंद्रसिंह, गडरारोड थानाधिकारी प्रभुराम, कांस्टेबल प्रवीण कुमार, विमलेश, जोगाराम, गजेंद्र मौजूद रहे।
कमलजीत को जहां पकड़ा, वहीँ मिली हेरोइन
एसओजी ने भारत-बाड़मेर बॉर्डर पर 7 जुलाई 2021 को 22 किलो हेरोइन पकड़ी थी। हेरोइन तस्कर देरावरसिंह समेत 4 को गिरफ्तार किया गया। इसके 3 दिन बाद 10 जुलाई को एसओजी ने इस इलाके में बाइक पर रैकी करने आए पंजाब के तस्कर कमलजीत को गिरफ्तार किया था। एसओजी ने उसके खिलाफ बॉर्डर पर हेरोइन की खेप ले जाने के लिए रैकी का मामला दर्ज किया था। रविवार को एसओजी उसे जेल से पकड़ मौके पर लेकर आई। इस दौरान एसओजी, पुलिस और बीएसएफ कमलजीत को लेकर पैदल ही एक धोरे को पार कर दूसरे धोरे पर पहुंची। वहां अचानक झाड़ियों में एक कट्टा दिखाई दिया। उसमें हेरोइन थी।
कमलजीत ने कहा कि ये मेरी खेप नहीं है, मेरे तो 20 पैकेट आने थे, ये 14 ही है। गडरारोड के पांचला बॉर्डर तारबंदी के पास पकड़ी गई हेरोइन करीब 4-5 माह पुरानी लग रही है। वजह ये है कि पहले झाड़ियां हरी-भरी थी, इसी वजह से कट्टा नजर नहीं आया। अब झाड़ियां सूख गई और एसओजी तस्कर को मौका तस्दीक के लिए ले जा रही थी तो अचानक कट्टा दिखा है। सवाल ये है कि अब ये हेरोइन खेप किसकी है और किसको डिलीवर्ड होनी थी। क्योंकि हेरोइन के साथ इस बार कोई आरोपी नहीं पकड़ा गया है।

