दौसा। किसान की कर्जमाफी के मुद्दे को लेकर रामगढ़ पचवारा पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत पूरे दिनभर पचवारा क्षेत्र में जमे रहे, लेकिन किसान को न्याय दिलाने यूपी के मुजफ्फरनगर से 750 किलोमीटर लंबा सफर तय कर रामगढ़ पचवारा पहुंचे राकेश टिकैत की पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि ढाणी के अन्य किसानों व पीड़ित परिवार की महिलाओं से टिकैत ने चर्चा की। किसानों की नुक्कड़ सभा सम्बोधित करने के बाद आगरा के लिए रवाना हो गए। बता दें कि पीड़ित किसान सांसद डॉ. किरोड़ीलाल के साथ सीएम से मिलने जयपुर चले गए थे।
राकेश टिकैत ने यहां मीडिया से बातचीत में भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यूपी के चुनाव में हिन्दू, मुस्लिम और जिन्ना ढाई महीने के लिए प्रचार में आ रहे हैं। अगर उनकी चली तो सरकार भाजपा की बनेगी। टिकैत ने कहा, प्रशासन ने किसान की जमीन की नीलामी रोक दी है। ऐसे में इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। सांसद किरोड़ीलाल को केन्द्र सरकार से बातचीत कर पॉलिसी बनवानी चाहिए। इसके साथ ही राज्य सरकार को कर्जा माफी की अपनी चुनावी घोषणा को स्पष्ट करना चाहिए। सरकार ऐसी पॉलिसी बनाएं जिससे किसान कर्ज के जाल में नहीं उलझे।
अधिकारियों खिलाफ कार्रवाई हो
उन्होंने कहा 13 लाख रुपए प्रति बीघा डीएलसी की दर के बावजूद किसान की दो करोड़ की जमीन को मात्र 46 लाख में नीलाम कर देना किसान के साथ अन्याय है। 7 लाख का कर्ज आधा बीघा जमीन बेचकर चुकाया जा सकता था। उसके लिए पूरी 15 बीघा जमीन को बैंक अधिकारियों तथा प्रशासन ने नीलाम कर दी। उन्होंने नीलामी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने मिलने आए टिकैत के सामने दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाईवे तथा रेलवे द्वारा आवाप्त की गई जमीन के मुआवजे के मुददे भी छाए रहे। पूर्व जिला परिषद सदस्य किसानों ने टिकैत को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसानों के हितों के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
