जयपुर: अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा और सीएमडी राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से राज्य में एनर्जी कंजरवेसन के लिए शोध व अनुसंधान करवाएगा। उन्होंने बताया कि एनर्जी कंजरवेसन आज और भविष्य की आवश्यकता है और इसके लिए निरंतर शोध व अनुसंधान जरुरी है।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने यह जानकारी राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के संचालक मण्डल की बैठक में दी। उन्होंने बताया कि अक्षय ऊर्जा निगम सामाजिक दायित्व को निभाते हुए कोरपोरेट सोशियल रेस्पांसबिलिटी के तहत कार्यों को भी विस्तारित करेगा। इसके तहत सीएसआर में उपलब्ध राशि से स्वास्थ्य, शिक्षा व स्पोर्टस जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में सहयोग करेगा।
डॉ. अग्रवाल ने राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम को प्रदेश को ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने पर बधाई देते हुए कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि जहां देश में इस साल 7500 मेगावाट उत्पादन क्षमता विकसित हुई है वहीं राजस्थान में इस साल अब तक 2500 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जा चुकी है।
प्रमुख शासन सचिव राजस्व आनंद कुमार ने अक्षय ऊर्जा निगम की सीएसआर गतिविधियों को विस्तारित करने का सुझाव दिया।
जिला कलक्टर जैसलमेर आशीष मोदी ने वर्चुअली हिस्सा लेते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। एडीएम जोधपुर व बीकानेर ने भी वर्चुअली हिस्सा लिया।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम की सीएस गजल सक्सेना ने विस्तार से लेखों की जानकारी दी। बैठक में अक्षय ऊर्जा निगम की नोख परियोजना की पीपीटी के माध्यम से विस्तार से प्रगति जानकारी दी गई। निदेशक एनके ठकराल, नरेन्द्र सुवालका, निदेशक वित्त ललित वर्मा आदि भी उपस्थित थे। इस अवसर पर अक्षय ऊर्जा निगम को नई दिल्ली में पुरस्कार स्वरुप प्राप्त शिल्ड और प्रशस्ति पत्र डॉ. अग्रवाल को भेंट किया गया।
