Headlines

कोविड के संकट काल ने देश की चिकित्सा सुविधाओं की खोली पोल – हनुमान बेनीवाल

Nagaur MP Beniwal spoke to the injured passengers and their families about the train accident in Bengal.

दिल्ली/जयपुर: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने गुरुवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत कोरोना पर हुई विस्तृत बहस में भाग लिया। सांसद ने लोकसभा में विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखते हुए कोरोना में केंद्र तथा राज्य सरकार की कमियों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया तथा नए वेरिएंट ओमीक्रोन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से तीसरी संभावित लहर पर आवश्यक तैयारियों के संबंध में जानकारी भी चाही।

सांसद ने कहा कि कोविड-19 महामारी भारत में मृत्यु का पहला सबसे बड़ा कारण बनकर उभरी है। सांसद ने सदन में कहा कि यदि 26 अप्रैल 2021 को जारी आंकड़ों को देखें तो कोविड-19 के कारण हर दिन औसतन 4,800 लोगों की मौत हो रही है। जिसका मतलब है कि इसके कारण प्रति सप्ताह 33,460 लोगों की जान जा रही है।

चुनावी रैलियों व अन्य आयोजनों जैसे सुपर-स्प्रेडर कार्यक्रमों की अनुमति देते हुए राज्य दर राज्य खुलते गए और हमने बड़े मैलो का आयोजन कर वेरिएंट के लिए रेड कार्पेट बिछाया और हमने यह मानते हुए ऐसा किया कि हमारे आसपास कोई वायरस नहीं था। उन्होंने कहा कि यहां तक कि जब हम समस्या के बारे में जानते थे। तब भी सरकार ने प्रसार को रोकने में देरी की, जिससे अकल्पनीय परिस्थितियां देश भर में पैदा हुईं। उसका परिणाम यह रहा भारत के लिए अप्रैल का महीना बहुत क्रूर साबित हुआ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, देश ने अप्रत्याशित रूप से 46,000 मौतों के साथ नोवल कोरोना वायरस बीमारी (कोविड-19) के 66 लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज किए। महीने के आखिरी दिन, भारत एक दिन में 4,00,000 से ज्यादा नए मामले दर्ज करने वाला एकमात्र देश बन गया। उन्होंने ग्रामीण भारत की चिकित्सा व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में बोलते हुए कहा कि कोविड-19 (कोरोना) महामारी ने भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को बुरी तरह बेनकाब कर दिया है।

शहरी भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर स्थिति व कोरोना से लड़ने की उसकी तैयारियां सुर्खियों में रही है वहीं ग्रामीण भारत के भीतरी इलाकों से जो परिदृश्य उभर कर आई, वो अत्यधिक चिंताजनक रही। सांसद ने कहा कि अप्रैल का महीने में पहली बार शहरी जिलों के मुकाबले ग्रामीण जिलों में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गईं, भले ही मामलों की कुल संख्या शहरी जिलों में ज्यादा रही। भले ही अप्रैल में सभी दिन शहरी जिलों में सबसे ज्यादा मामले रहे हों, लेकिन उनमें से 17 दिनों में सबसे ज्यादा मौतें ग्रामीण जिलों में हुईं थीं। अप्रैल 2021 के नए मामलों (3.1 मिलियन) में ग्रामीण इलाकों का हिस्सा 45.4 प्रतिशत था, लेकिन कोविड-19 मौतों का 50.8 प्रतिशत (24,000) हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों का था।

सीएम गहलोत पर लगाये आरोप
सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में हाल ही में जयपुर में हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर गंभीर आरोप लगाया और कहा कि पुत्र मोह में मुख्यमंत्री धृतराष्ट्र बन गए और जोधपुर से लोकसभा चुनाव हार चुके मुख्यमंत्री के बेटे को राजनीति में स्थापित करने के लिए उन्होंने जयपुर में सभी तरह की पाबंदी हटा कर अंतरराष्ट्रीय मैच कराने की अनुमति दी और मैच हो जाने के बाद पुनः पाबंदियां लगा दी।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रधानमंत्री से कोरोना काल मे जान गंवाने वाले परिजनों को आर्थिक पैकेज देने तथा कोविड से ठीक हो चुके लोगो मे उतपन्न बीमारियों पर अनुसंधान करवाने व नए वेरिएंट से बचाव के लिए हर सम्भव कदम उठाने की मांग की साथ ही वैक्सिनेशन व ऑक्सजिन की अनुपलब्धता सहित कई मामलों को लेकर केंद्र व राज्य पर आरोप लगाए और कहा देश की सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में जीडीपी का जो 2.5 प्रतिशत व्यय करने का लक्ष्य तय कर रखा है उसकी प्रगति भी संतोषजनक नही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *